Sitapur News: ‘Bombitex’ क्रिप्टो ऐप के जरिए 50 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह पर शिंकजा

मर्सिडीज कार और आलीशान जमीन समेत 5.11 करोड़ की संपत्ति कुर्क

Sandesh Wahak Digital Desk: सीतापुर में करोड़ों रुपये की ‘डिजिटल डकैती’ करने वाले एक बड़े गिरोह पर योगी सरकार का कड़ा हंटर चला है। दुबई में रजिस्ट्रेशन कराकर और क्रिप्टो एक्सचेंज के नाम पर जाल बिछाकर लोगों को कंगाल बनाने वाले जय प्रकाश मौर्य और उसके परिवार की 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली गई है।

सीतापुर पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसने क्रिप्टो करेंसी और ऊंची ब्याज दर का लालच देकर सैकड़ों निवेशकों को चूना लगाया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जय प्रकाश मौर्य और उसके सहयोगियों की अब तक कुल 5 करोड़ 11 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को जब्त और कुर्क कर लिया है।

कैसे बुना गया ठगी का मायाजाल?

इस गिरोह का सरगना जय प्रकाश मौर्य पहले ठगी करने वाली एक अन्य कंपनी (ABMPL) में काम करता था, जहाँ से उसने धोखेबाजी के गुण सीखे।

  • फर्जी रजिस्ट्रेशन: उसने दुबई में ‘Bombitex Portal LLC Ltd’ और कानपुर में ‘Bombitex Infotech Pvt Ltd’ के नाम से कंपनियां रजिस्टर कराईं ताकि लोगों को लगे कि काम कानूनी है।

  • लालच भरा ऑफर: निवेशकों को लुभाने के लिए www.bombitex.com वेबसाइट बनाई गई। इसमें दावा किया गया कि पैसा जमा करने पर 15% मासिक ब्याज (0.5% प्रतिदिन) मिलेगा। साथ ही, नए सदस्यों को जोड़ने पर 350% तक के रिटर्न का झांसा दिया गया।

  • हवाला कनेक्शन: ठगी का पैसा ‘ट्रस्ट वॉलेट’ और अन्य माध्यमों से कैश लेकर यूएसडीटी (USDT) में बदला जाता था और फिर हवाला के जरिए विदेशों में भेजकर दुबई में प्रॉपर्टी खरीदी गई।

पुलिस की कार्रवाई: अब तक क्या-क्या हुआ जब्त?

पुलिस अधीक्षक सीतापुर के नेतृत्व में गठित स्वाट और साइबर टीम ने ठगी की कमाई से खड़ी की गई संपत्तियों पर चोट की है। उन्नाव के ग्राम पिछवाड़ा में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के पास स्थित जमीन (कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये) और एक लग्जरी मर्सिडीज कार (UP 65 DQ 3888) जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये है, जब्त की गई। इससे पहले भी 3.30 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई थी और खातों में जमा 51 लाख रुपये सीज किए गए थे। अब तक कुल जब्ती 5.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

कौन-कौन हैं आरोपी?

इस गिरोह में जय प्रकाश मौर्य के साथ उसका पूरा परिवार और रिश्तेदार शामिल थे।

  1. जय प्रकाश मौर्य (CEO/MD)

  2. आशा देवी (पत्नी एवं डायरेक्टर)

  3. देवेन्द्र मौर्य (रिश्तेदार एवं डायरेक्टर)

  4. नितिका मौर्य (प्रमोटर)

  5. दयाशंकर मौर्य (फंड मैनेजर)

सावधान! पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

साइबर टीम ने लोगों को भविष्य में ऐसी ठगी से बचने के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं।

  • हमेशा FIU-IND से पंजीकृत ऐप्स (जैसे CoinDCX, Binance आदि) का ही उपयोग करें।

  • किसी भी ‘गारंटीड प्रॉफिट’ या कम समय में पैसा दोगुना करने वाली स्कीम से बचें।

  • निवेश से पहले कंपनी का CIN नंबर जरूर मांगें और उसे वेरिफाई करें।

  • अगर कोई सिर्फ कैश में लेनदेन का दबाव बनाए, तो समझ लें कि यह फ्रॉड का संकेत है।

Also Read: Lucknow News: UP DGP से मिलीं ‘साइकिल गर्ल’ आशा मालवीय, भविष्य की दी शुभकामनाएं

Get real time updates directly on you device, subscribe now.