Sitapur News: सेप्टिक टैंक में गिरे बच्चे को बचाने में तीन लोगों की मौत
Sitapur News: सीतापुर जिले के सकरन थाना क्षेत्र के सुकेठा गाँव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक सेप्टिक टैंक में गिरे 10 साल के बच्चे को बचाने के प्रयास में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है।
यह घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे हुई। गाँव के ही विवेक गुप्ता (10), अपने पड़ोसी अनिल (40) के घर के सामने बने सेप्टिक टैंक में गिर गया। विवेक को डूबता देख अनिल तुरंत उसे बचाने के लिए टैंक में उतर गए। उन्होंने विवेक को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन खुद टैंक की जहरीली गैस और दलदल में फंस गए।
बचाने गए दो और लोग भी डूबे
अनिल को डूबता देख, गाँव के ही राज कुमार (45) उन्हें बचाने के लिए टैंक में कूद पड़े, लेकिन वे भी जहरीली गैस और दलदल का शिकार हो गए। इसके बाद, एक और ग्रामीण रंगीलाल (45) ने उन दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी असफल रहे और तीनों लोग टैंक में डूब गए।
घटना की जानकारी मिलने पर, गाँव के लोग मौके पर जमा हो गए और बचाव कार्य शुरू किया। दीपू (25) नाम के एक अन्य ग्रामीण ने बाकी लोगों के साथ मिलकर तीनों को बाहर निकालने का प्रयास किया। इस कोशिश में दीपू भी घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
तीन लोगों को किया गया मृत घोषित
तीनों डूबे हुए लोग, अनिल, राज कुमार और रंगीलाल को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सांडा ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे ने गाँव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने लगाया आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि सेप्टिक टैंक खुला हुआ था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही की जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सेप्टिक टैंक या गहरे गड्ढों में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी जानलेवा हो सकती है। लोग बिना उचित सुरक्षा उपकरणों के ऐसे बचाव कार्यों में न जाएं।
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