Sitapur News: प्राथमिक स्कूलों के मर्जर के खिलाफ सपा छात्र सभा का प्रदर्शन, बीएसए कार्यालय पर जड़ा ताला

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में प्राथमिक विद्यालयों के एकीककरण (मर्जर) को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई (सपा छात्र सभा) ने इस फैसले के खिलाफ शनिवार को बीएसए कार्यालय का घेराव किया और मुख्य गेट पर ताला जड़कर जोरदार विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा छात्र सभा के जिला अध्यक्ष शिवम सिंह ‘छोटे अखिलेश’ ने इसे शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ एक अमानवीय निर्णय करार दिया। उन्होंने कहा कि जिले के करीब 200 प्राथमिक विद्यालयों को एक साथ मर्ज कर देना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा के साथ अन्याय है।

बीएसए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए शिवम सिंह ने कहा, जब सरकार छोटे-छोटे बच्चों के स्कूलों को बंद कर रही है, तो यह उनके सपनों और भविष्य पर ताला लगाने जैसा है। ऐसे में बीएसए कार्यालय पर ताला लगाकर हम उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहे हैं।

इस दौरान बीएसए कार्यालय में कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था, लेकिन छात्र कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मर्जर का फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।

ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ रहा विरोध

प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर का सीधा असर दूर-दराज़ गांवों के बच्चों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला है। बच्चों को अब दूरस्थ स्कूलों तक पहुंचने में परेशानी होगी, जिससे ड्रॉपआउट की संभावना भी बढ़ेगी। यही कारण है कि अब ग्रामीण अभिभावक भी मुखर होकर इस फैसले के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।

शिक्षा बचाने की लड़ाई में जनता के साथ खड़ी है पार्टी

सपा छात्र सभा का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए किया जा रहा है। “समाजवादी पार्टी हमेशा शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर के पक्ष में रही है। अगर प्रशासन ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो हम सड़कों से लेकर विधानभवन तक विरोध दर्ज कराएंगे,” शिवम सिंह ने यह बात मीडिया से कही।

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