गुजरात में मूसलाधार बारिश से हाल बेहाल, सूरत और वडोदरा में बाढ़ का खतरा
Sandesh Wahak Digital Desk: गुजरात में बीते 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सूरत और वडोदरा जैसे जिलों में हालात सबसे ज़्यादा खराब हैं। भारी बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं और कई इलाकों का संपर्क टूट गया है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
सूरत के उमरपाड़ा तालुका में 8.5 इंच और मंगरोल तालुका में 4 इंच बारिश दर्ज की गई। यहाँ किम नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे मंगरोल के मोटा बोरसारा गांव में पानी भर गया है। इसके कारण मोटा बोरसारा और आस-पास के गाँवों का सड़क से संपर्क टूट गया है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, वडोदरा में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध से 4.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस वजह से नदी के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। वडोदरा के चाणोद में नर्मदा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि मल्हार राव घाट की 92 सीढ़ियाँ पानी में डूब गई हैं। हालांकि, अभी नर्मदा नदी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
इसके अलावा, दक्षिण गुजरात के ज़्यादातर हिस्सों में भी रात से भारी बारिश हो रही है। वडोदरा जिले के डभोई में तो 7 घंटे में ही 5 इंच बारिश हो गई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया है और ट्रैफिक थम गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
भरूच के बोरभाठा बेट गांव के सरपंच पंकज पटेल ने बताया कि नर्मदा नदी में 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर 24 फीट से ऊपर चला गया है। अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो कई गाँवों में बाढ़ आ सकती है।
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