एक्ट्रेस सोमी अली ने आदित्य और सूरज पंचोली पर लगाए गंभीर आरोप, जिया खान की मौत का ठहराया जिम्मेदार
Sandesh Wahak Digital Desk: अभिनेत्री सोमी अली ने एक बार फिर बॉलीवुड में भूचाल ला दिया है। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर आदित्य पंचोली और उनके बेटे सूरज पंचोली के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए एक तीखा बयान साझा किया।
सोमी अली ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में आदित्य पंचोली को ‘घटिया इंसान’ बताते हुए उन पर महिलाओं के साथ धोखा करने और उन्हें पीटने का आरोप लगाया। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि आदित्य का बेटा सूरज पंचोली, अभिनेत्री जिया खान की मौत का जिम्मेदार है।
अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, आदित्य पंचोली- तुम महिलाओं के साथ धोखा करते हो। उन्हें मारते हो और तुम्हारा बेटा जिया खान की मौत का जिम्मेदार है। तुम कचरा हो। तुम खुद के साथ कैसे जीते हो? सूरज को भी वही पुराने हथकंडे सिखा रहे हो? तुम एक घटिया इंसान हो।

जिया खान केस और सूरज पंचोली की रिहाई
आपको बता दें कि जून 2013 में अभिनेत्री जिया खान जुहू स्थित सागर तरंग अपार्टमेंट में अपने निवास पर फांसी के फंदे पर लटकी हुई पाई गई थीं। इस घटना के बाद उनके बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था। यह मामला कोर्ट में लगभग 10 सालों तक चला था, जिसके बाद साल 2023 में सूरज पंचोली को बरी कर दिया गया था।
तनुश्री दत्ता का समर्थन और बॉलीवुड का काला सच
इसके अलावा, सोमी अली ने हाल ही में अभिनेत्री तनुश्री दत्ता का भी खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें तनुश्री की बातों पर पूरा भरोसा है कि उनके साथ घर पर परेशान करने वाली घटनाएं हुई थीं। सोमी ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद भी ऐसे ही अनुभव किए हैं, इसलिए वह तनुश्री की तकलीफ को अच्छी तरह से समझ सकती हैं।

सोमी अली ने अपने बयान में कहा था, तनुश्री ने बताया कि उन्हें परेशान किया गया, मानसिक रूप से कमजोर किया गया, उनके घर में नौकरानी के रूप में जासूस भेजा गया, और यहाँ तक कि उन्हें जहर देने की कोशिश की गई। कुछ मीडिया वालों ने उनका मजाक उड़ाया, कुछ ने उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए, लेकिन बहुत कम लोगों ने यह सोचा कि अगर ये सब सच हो तो? अगर तनुश्री की कहानी कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि आम बात हो?
उन्होंने आगे बॉलीवुड के कड़वे सच की ओर इशारा करते हुए कहा, मैं भी कभी उस दुनिया का हिस्सा थी। मैंने देखा है कि महिलाओं को ‘ऑडिशन’ के नाम पर गलत प्रस्ताव दिए जाते थे, जिसका अभिनय से कोई लेना-देना नहीं होता था। जो महिलाएं ‘ना’ कहती थीं, उन्हें अलग कर दिया जाता था। मैंने देखा है कि जो महिलाएं ऐसे अनुभवों से गुजरीं, वह मानसिक रूप से टूट गईं।

