लेह हिंसा के बाद सोनम वांगचुक की मुश्किलें बढ़ीं, CBI ने FCRA उल्लंघन की जांच शुरू की
Sandesh Wahak Digital Desk: लेह में बुधवार को हुई हिंसक झड़प के बाद गुरुवार को भी हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। पूरे शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है और सड़कों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इस बीच, इस हिंसा को लेकर गृह मंत्रालय ने एक बड़ा बयान दिया है और सीधे तौर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
सोनम वांगचुक के संस्थान पर CBI की जांच
लेह में हुई हिंसा के बाद सोनम वांगचुक की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके एक संस्थान, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL), के खिलाफ विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के कथित उल्लंघन की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि यह जांच कुछ समय से चल रही है, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। वांगचुक की टीम ने कहा है कि करीब 10 दिन पहले सीबीआई की एक टीम इस मामले से जुड़े आदेश लेकर आई थी। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की शिकायत पर हो रही है। वांगचुक की ओर से कहा गया कि उनके संस्थान ने कभी विदेशी धन नहीं मांगा, बल्कि ज्ञान के आधार पर राजस्व कमाया। लेकिन, कुछ मामलों में इसे विदेशी चंदा माना गया है।
हमारी जमीनें चीन ने कब्जा कर लीं। अगर हम ये बात कहते हैं तो हमें कभी देशद्रोही कहा जाता है, कभी धमकियां दी जाती हैं।
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— Deepak Khatri (@Deepakkhatri812) September 24, 2025
गृह मंत्रालय ने लेह में हुई हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि उन्होंने अपने भड़काऊ बयानों से भीड़ को उकसाया। कई नेताओं द्वारा भूख हड़ताल खत्म करने की अपील के बावजूद, उन्होंने अपना अनशन जारी रखा। मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक ने ‘अरब स्प्रिंग’ की तरह विरोध प्रदर्शन करने और नेपाल में ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) के विरोध प्रदर्शनों का हवाला देकर लोगों को भड़काया।
हालांकि, सोनम वांगचुक इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं। गौरतलब है कि बुधवार को हुई हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई और 80 से ज़्यादा लोग घायल हुए, जिनमें 40 से ज़्यादा पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
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