Sonbhadra News: खदान हादसे में 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि, दस की तलाश जारी
Sonbhadra News: सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुंडी खदान में शनिवार को हुए भीषण हादसे के दो दिन बाद तक हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अब तक कुल पाँच मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दस मजदूरों की तलाश जारी है। भारी मलबे, खदान की गहराई और चट्टान धंसने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया है।
पोस्टमार्टम हाउस में आए चार शव
दरअसल इस हादसे के बाद सोमवार सुबह तक कुल पाँच शव बरामद किए गए। इनमें ओबरा थाना क्षेत्र के परसोई ग्राम पंचायत के अमरिनिया टोला निवासी राजू सिंह गोड़ का शव रविवार को ही मिल गया था। सोमवार को मिले चार शवों में पनारी ग्राम पंचायत के करमसार टोला निवासी दो सगे भाई, संतोष यादव और इंद्रजीत यादव शामिल हैं। वहीं कचनरवा निवासी रविंद्र उर्फ नानक पुत्र राजकुमार के शव की पहचान उसकी पत्नी गीता देवी ने की। अभी एक अन्य शव की पहचान नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और केवल मृतकों के स्वजन को ही अंदर भेजा जा रहा है।

10 मजदूरों की तलाश
वहीं हादसे के समय नौ कंप्रेशर मशीनों पर 18 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक एक तरफ से चट्टान धंस गई और करीब 150 फीट नीचे भारी मात्रा में मलबा गिर गया। तीन मजदूर किसी तरह बचकर निकल आए, लेकिन बाकी 15 मलबे में दब गए थे। इनमें से पाँच के शव मिल चुके हैं और दस मजदूरों का अब तक पता नहीं चल सका है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सीआईएसएफ के करीब 100 से अधिक जवान लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। शनिवार रात वाराणसी से एनडीआरएफ टीम के पहुंचने के बाद से बचाव कार्य जारी है, लेकिन खदान की 150–200 फीट गहराई और बड़े पत्थरों के गिरने के कारण मलबा हटाना बेहद कठिन हो गया है। एक विशाल चट्टान को तोड़ने में काफी समय लग रहा है, जिससे अभियान की गति प्रभावित हो रही है।
बाहरी लोगों का प्रवेश बंद
सीओ सिटी रणधीर मिश्र और एसपी अभिषेक वर्मा ने खदान क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए आम जनता के प्रवेश पर रोक लगा दी है, ताकि भीड़ की वजह से कोई नई दुर्घटना न हो। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि मलबा हटने के बाद ही दबे श्रमिकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दुर्घटना के कारणों तथा जिम्मेदारों की जल्द पहचान की जाएगी। वहीं दो दिन बाद भी खदान क्षेत्र में भय और अफरातफरी का माहौल बना हुआ है, जबकि परिजन अब भी अपने प्रियजनों की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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