सोनिया गांधी का नाम नागरिकता से पहले ही वोटर लिस्ट में जुड़ा, अमित मालवीय का दावा

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में, बीजेपी ने उन पर पलटवार किया है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले ही वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया था।

बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सोनिया गांधी के नाम का वोटर लिस्ट में शामिल होना चुनावी कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि राहुल गांधी ‘अयोग्य और अवैध’ वोटरों के पक्ष में हैं और एसआईआर का विरोध कर रहे हैं।

मालवीय ने कहा कि सोनिया गांधी का नाम पहली बार 1980 में वोटर लिस्ट में आया था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता इसके तीन साल बाद, 1983 में ली थी। उस समय वह इटली की नागरिक थीं।

दो बार हुआ गैरकानूनी काम

मालवीय के मुताबिक, 1982 में विरोध के बाद सोनिया गांधी का नाम लिस्ट से हटा दिया गया, लेकिन 1983 में इसे फिर से जोड़ दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि 1983 में उनका नाम वोटर लिस्ट में तब जोड़ा गया, जब उन्हें भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को मिली थी।

मालवीय ने कहा, सीधे शब्दों में कहें तो, सोनिया गांधी का नाम दो बार बिना नागरिकता के वोटर लिस्ट में दर्ज हुआ, पहली बार 1980 में एक इतालवी नागरिक के रूप में, और फिर 1983 में, कानूनी तौर पर भारत की नागरिक बनने से कुछ महीने पहले।

उन्होंने कहा कि अगर यह चुनावी कदाचार नहीं है तो और क्या है? राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था, जिसके बाद बीजेपी ने यह पलटवार किया है।

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