भारतीय चुनाव प्रणाली को समझना चाहती है दक्षिण अफ्रीकी टीम, CEC को आया फोन

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इस बार न सिर्फ देश बल्कि दुनिया के लिए भी खास बन गया है। सात देशों के राजनयिक और प्रतिनिधि बिहार की चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखने भारत पहुंचे हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC) को आज दक्षिण अफ्रीका के चुनाव आयोग के अध्यक्ष मोसोथो मोएप्या का फोन आया। मोएप्या ने लगभग 7.5 करोड़ मतदाताओं वाले बिहार चुनाव के लिए शुभकामनाएं देते हुए भारत की पारदर्शी और कुशल चुनाव प्रणाली को समझने के लिए जल्द ही भारत आने की इच्छा जाहिर की है।

थाईलैंड से पटना पहुंचे प्रतिनिधि

अंतरराष्ट्रीय मतदाता आगंतुक कार्यक्रम के तहत चुनाव आयोग विदेशी राजनयिकों और मेहमानों को भारत आमंत्रित करता है ताकि वे भारतीय लोकतंत्र की प्रक्रिया को नजदीक से देख सकें। इसी कार्यक्रम के तहत बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में 7 देशों के 16 प्रतिनिधि भारत पहुंचे हैं। ये सभी प्रतिनिधि विभिन्न मतदान केंद्रों पर जाकर चुनावी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर रहे हैं।

बृहस्पतिवार को पहले चरण के मतदान के दौरान थाईलैंड से आए प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी पटना के एक मतदान केंद्र का दौरा किया और मतदान की प्रक्रिया की बारीकियों को समझा।

CEC

नालंदा के मतदान केंद्र पर भी पहुंचे विदेशी मेहमान

राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर तस्वीरें साझा कीं, जिनमें विदेशी मेहमानों को नालंदा के मतदान केंद्र पर देखा गया। आयोग ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मतदान के विभिन्न चरणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

गत 3 नवंबर को आई रिपोर्ट के अनुसार, जापान, इंडोनेशिया, डेनमार्क, भूटान, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और दक्षिण अफ्रीका के राजनयिकों का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा के चुनाव अभियान को देखने के लिए दो दिवसीय बिहार दौरे पर आया था।

प्रतिनिधिमंडल ने अररिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में शिरकत की और जनता की भारी भागीदारी को नजदीक से देखा। इसके अलावा पटना में भाजपा मुख्यालय में रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान और विनोद तावड़े सहित वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। भाजपा के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधियों ने आरा में हुई पीएम मोदी की सार्वजनिक रैली में लोगों के जोश और लोकतांत्रिक उत्साह की सराहना की।

लोकतंत्र के उत्सव में शामिल हुआ विश्व समुदाय

दरअसल बिहार चुनाव 2025 अब सिर्फ एक राज्यीय चुनाव नहीं रहा, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और चुनावी पारदर्शिता का वैश्विक प्रदर्शन बन गया है। सात देशों के राजनयिकों की मौजूदगी ने इस चुनाव को एक अंतरराष्ट्रीय आयाम दे दिया है, जिससे भारत की चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है।

 

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