दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को 5 साल की जेल, मार्शल लॉ मामले में कोर्ट का कड़ा फैसला

Sandesh Wahak Digital Desk: दक्षिण कोरिया के राजनीतिक इतिहास में आज एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया। देश के पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को सियोल सेंट्रल जिला अदालत ने 5 साल जेल की सजा सुनाई है। यह सजा उन्हें पिछले साल अपने खिलाफ चल रही जांच को रोकने और मार्शल लॉ के दौरान शक्तियों के दुरुपयोग के मामले में सुनाई गई है।

जज बेक डे-ह्यून ने सुनवाई के दौरान यून के खिलाफ आरोपों की लंबी फेहरिस्त पेश की। कोर्ट ने उन्हें निम्नलिखित मामलों में दोषी पाया।

जांच में रुकावट: पिछले साल जनवरी में अपनी गिरफ्तारी के वारंट को रोकने के लिए प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस को अवैध आदेश देना।

साक्ष्यों को नष्ट करना: मार्शल लॉ से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट करना और सैन्य कमांडरों के सुरक्षित फोन से रिकॉर्ड डिलीट करवाना।

संवैधानिक उल्लंघन: कैबिनेट सदस्यों के अधिकारों का हनन करना और मार्शल लॉ को सही ठहराने के लिए सरकारी संस्थानों का निजीकरण करना।

अदालत ने कहा कि हालांकि अभियोजकों ने 10 साल की सजा मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सभी पहलुओं को देखते हुए 5 साल की कैद का फैसला सुनाया है।

दक्षिण कोरिया के इतिहास में यह तीसरा मौका था जब किसी पूर्व राष्ट्रपति के ट्रायल का टीवी पर लाइव ब्रॉडकास्ट किया गया। इससे पहले 2018 में पार्क ग्यून-हे और ली म्युंग-बाक के मामलों में ऐसा हुआ था। पूरा देश इस ऐतिहासिक सुनवाई को अपनी स्क्रीन पर देख रहा था। यह तो अभी सिर्फ शुरुआत है। पूर्व राष्ट्रपति यून पर कुल आठ मुकदमों (ट्रायल) की सुनवाई चल रही है।

बगावत का मामला: विशेष अभियोजक ने इस हफ्ते की शुरुआत में यून के खिलाफ ‘बगावत’ के आरोप में मौत की सजा की मांग की है।

अगला फैसला: इस सबसे गंभीर मामले पर कोर्ट 19 फरवरी को अपना फैसला सुनाएगा। आज की सजा का असर अगले महीने आने वाले फैसले पर भी पड़ने की उम्मीद है।

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