सुल्तानपुर में सपा नेता सुनील यादव की संदिग्ध हालात में मौत, मारपीट और धमकी के लगाए थे गंभीर आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: सुलतानपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व सेक्टर प्रभारी सुनील यादव की इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें चार दिन पहले वाराणसी हाईवे के पास एक टोल प्लाजा के नजदीक बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई और अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि सुनील यादव ने मौत से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए हमलावरों के नाम भी उजागर किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि अगर उन्होंने प्रधानी का चुनाव लड़ा तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
मौत से पहले वायरल हुआ था सुनील यादव का फेसबुक पोस्ट
मृतक सुनील यादव ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर आरोप लगाया था कि सपा के पूर्व विधायक संतोष पांडेय के साले विवेक मिश्रा और एक अन्य व्यक्ति सुशील निषाद ने उन्हें मारने की धमकी दी और मारपीट भी की। उन्होंने लिखा था कि यदि वे प्रधानी का चुनाव लड़ते हैं, तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। यह पोस्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई प्रशासनिक अधिकारियों को टैग करते हुए साझा किया गया था। हालांकि अब यह पोस्ट फेसबुक से डिलीट हो चुका है, जिससे मामले पर और सवाल खड़े हो रहे हैं।
इलाज के दौरान हुई मौत, पत्नी ने दी तहरीर
गंभीर रूप से घायल सुनील यादव का इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार को उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी सरिता यादव ने मामले में चांदा थाने में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने क्या कहा?
अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह के मुताबिक, फिलहाल मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। हालांकि, यह कार्डियक अरेस्ट कैसे हुआ, इसका स्पष्ट कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील है और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है
सुनील यादव की मौत सिर्फ एक व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि कई राजनीतिक सवालों को जन्म दे गई है। जिस अंदाज में उन्होंने मौत से पहले धमकी का खुलासा किया और अब पोस्ट का गायब हो जाना, उससे मामले की गंभीरता और भी बढ़ गई है। ऐसे में अब निगाहें पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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