सपा ने SIR प्रक्रिया पर लखनऊ में लगाए होर्डिंग, नोटबंदी से तुलना कर पूछा- जनता ने जान देकर चुकाई हर फैसले की कीमत
Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा SIR फॉर्म भरने के अगले ही दिन, पार्टी नेताओं ने लखनऊ में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया का विरोध तेज कर दिया है। सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने पार्टी कार्यालय के ठीक बाहर एक बड़ा होर्डिंग लगा दिया है, जिसमें भाजपा सरकार के फैसलों पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। होर्डिंग में लिखा है, बीजेपी सरकार के हर बड़े फैसले की कीमत जनता ने जान देकर चुकाई।
SIR को नोटबंदी और लॉकडाउन से जोड़ा
सपा नेता ने SIR प्रक्रिया को सीधे नोटबंदी, किसान आंदोलन और अचानक लगे लॉकडाउन जैसे बड़े फैसलों से जोड़ा है। होर्डिंग में चार मुख्य मुद्दों का ज़िक्र करते हुए मौतों और समस्याओं की संख्या बताई गई है।
नोटबंदी: अव्यवस्था के कारण बैंकों की लाइनों में कई मासूम जानें गईं।
काला किसान कानून: आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की शहादत हुई।
कोविड लॉकडाउन: शून्य तैयारियों के बीच अचानक लॉकडाउन से हजारों लोगों की मौत और पलायन के दौरान भूख और बेबसी से कई लोगों ने जान गंवाई।
SIR चुनाव ड्यूटी: काम के दबाव में 10 से अधिक BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) कर्मियों की जान चली गई।

सरकार की नीतियाँ थोपी जा रही हैं
होर्डिंग लगवाने वाले सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने बिना जमीनी हकीकत समझे बड़े-बड़े फैसले लिए हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह होर्डिंग जनता के मुद्दे उठाने और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में जनता के मुद्दों को और मजबूती से उठाया जाएगा। यह होर्डिंग शुक्रवार रात को सपा कार्यालय के पास लगाया गया है।
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