मतदाता सूची में आधार की अनिवार्यता के लिए सपा सुप्रीम कोर्ट जाएगी: अखिलेश यादव
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को घोषणा की कि मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान में आधार की मान्यता को अनिवार्य कराने के लिए पार्टी सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। उन्होंने कहा कि सपा का मानना है कि आधार की अनिवार्यता हर हाल में होनी चाहिए। सपा मुख्यालय पर नोटबंदी के दौरान जन्मे ‘खजांची’ का जन्मदिन मनाने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए।
SIR और PDA वोट पर चिंता
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अभी से वोट की बेईमानी करने पर तुल गई है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची स्पष्ट नहीं है, और अयोध्या में दी गई वोटर लिस्ट पढ़ने में नहीं आ रही है। “हम PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का एक भी वोट नहीं कटने देंगे। इसके लिए हम संघर्ष करेंगे।” उन्होंने सरकार से पूछा कि कितने PDA के ईआरओ (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) लगाए गए हैं।
राष्ट्रीय गीत और संविधान
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ पर हाल के विवादित बयानों पर उन्होंने संवैधानिक दृष्टिकोण रखा। अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने सोच-समझकर राष्ट्रीय गीत को वैकल्पिक बनाया, न कि राष्ट्र गान की तरह अनिवार्य किया।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी से व्यापार डूब गया और खजांची का जन्मदिन हर वर्ष तब तक मनाया जाता रहेगा जब तक भाजपा की सरकार है। कोविड काल की पाबंदियों, जीएसटी और नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है। प्रदेश में जबरदस्त खाद संकट है। उन्होंने यह भी दोहराया कि खाँसी का सिरप नशे में इस्तेमाल हो रहा है और इस घोटाले में भाजपा के नेता भी शामिल हैं।
एटीएस और सूचना तंत्र पर कटाक्ष
एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वॉड) द्वारा आतंकी पकड़ने की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने सरकार के सूचना तंत्र को कमजोर बताया। उन्होंने इस कार्रवाई पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसी साजिशों का पता लगाने के लिए अपराध पर आधारित नेटफ्लिक्स के सीरियल देखने चाहिए, जिनमें इस तरह की खूब साजिशें देखने को मिलती हैं।
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