‘वन्दे मातरम्’ की 150वीं जयंती पर SSB का तोहफा, सरहद के गांवों में लगाया निशुल्क मेडिकल कैंप
सिद्धार्थनगर: गणतंत्र दिवस के उत्साह और ‘वन्दे मातरम्’ गीत के 150वें साल के उपलक्ष्य में, 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सीमावर्ती गांवों के लिए एक खास चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। ‘वाइब्रेंट विलेज’ रक्सेल में आयोजित इस कैंप के जरिए दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई गईं।
सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ गान से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद गौरवमयी रही। शिविर का आगाज़ जवानों और ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से ‘वन्दे मातरम्’ गीत गाकर किया गया। देशभक्ति के इसी जज्बे के साथ मेडिकल टीम ने मरीजों की जांच शुरू की।

इन गांवों के लोगों को मिला सीधा लाभ
एसएसबी की चिकित्साधिकारी डॉ. कल्याणी स्वेन (सहायक कमांडेंट) की देखरेख में आयोजित इस कैंप में सीमावर्ती इलाकों के कई गांवों से लोग पहुंचे। शिविर में 58 पुरुष, 55 महिलाएं और 21 बच्चे यानी कुल 134 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद सभी मरीजों को जरूरत के अनुसार निशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। पोखरभिटवा, बजहा, मुडिला, रक्सेल और सरदारनगर के ग्रामीणों ने इस सेवा का लाभ उठाया।

सुरक्षा के साथ सेवा का संकल्प
एसएसबी के अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा की निगरानी के साथ-साथ उनका उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना भी है। इसके लिए वाहिनी समय-समय पर कौशल विकास और जन कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है।
इस मौके पर सहायक कमांडेंट के. रणवीर सिंह, उप निरीक्षक वाई. विमल सिंह और रक्सेल के ग्राम प्रधान देवेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सेना के जवान मौजूद रहे।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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