SSC-CGL परीक्षा में धांधली: UP STF ने 11 लोग गिरफ्तार, 14 लाख से ज्यादा कैश बरामद
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा 2025 में नकल कराने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश हुआ है। STF ने गैंग के सरगना समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो शारीरिक रूप से अक्षम (फिजिकल हैंडीकैप्ड) उम्मीदवारों को फर्जी तरीके से सॉल्वर (लेखक) उपलब्ध कराकर नकल करा रहे थे। यह गिरफ्तारी नोएडा में की गई। आरोपियों के पास से ₹14 लाख से अधिक कैश, 16 फर्जी पीएच (फिजिकल हैंडीकैप्ड) प्रमाण पत्र, 13 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
ऐसे करते थे धोखाधड़ी
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नोएडा के सेक्टर-80 स्थित ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ में सीजीएल की ऑनलाइन परीक्षा में फर्जीवाड़ा हो रहा है। इस परीक्षा में नियमों के अनुसार, शारीरिक रूप से अक्षम उम्मीदवार अपने लिए लेखक (स्क्राइबर) ला सकते हैं, लेकिन लेखक की योग्यता उम्मीदवार से कम होनी चाहिए।
गैंग का सरगना सागर पांडे (इंदौर निवासी) परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों के साथ मिलकर इस नियम का दुरुपयोग कर रहा था। वे बीटेक या उससे भी ज्यादा पढ़े-लिखे लोगों को फर्जी विकलांगता प्रमाणपत्रों के आधार पर लेखक के रूप में परीक्षा में बैठाते थे। ये सॉल्वर उम्मीदवारों के पेपर हल करते थे। इस काम के लिए वे हर उम्मीदवार से एक से दो लाख रुपये लेते थे। इसके अलावा, फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के लिए भी ₹50 हजार लिए जाते थे।
परीक्षा केंद्र के कर्मचारी भी शामिल
पूछताछ में सागर पांडे ने बताया कि वह परीक्षा कराने वाली कंपनी ‘इनोवेटिव व्यू प्राइवेट लिमिटेड’ के कर्मचारियों रोहित कुमार (सेंटर हेड) और नरेंद्र सिंह (मैनेजर) से मिलकर यह गोरखधंधा चला रहा था। ये कर्मचारी ही सॉल्वरों को केंद्र में एंट्री देते थे। पुलिस ने इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एसटीएफ की टीम ने आरोपियों को नोएडा के गौर सिटी, आदर्श परीक्षा केंद्र और एक होटल से पकड़ा है। उनके खिलाफ नोएडा के फेज-2 थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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