यूपी में स्टार्टअप क्रांति: इंटीग्रल यूनिवर्सिटी और सरकार ने मिलाया हाथ, युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी और मुख्यमंत्री युवा मिशन ने मिलकर स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।
क्या है यह समझौता?
- इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के स्टार्टअप फाउंडेशन और मुख्यमंत्री युवा मिशन ने MoU पर हस्ताक्षर किए।
- यह समझौता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुआ।
- इसका मकसद युवाओं को स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और स्वरोजगार के मौके देना है।
युवाओं को कैसे मिलेगा फायदा?
- यूनिवर्सिटी अब छात्रों को नए बिजनेस आइडियाज पर काम करने में मदद करेगी।
- सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
- सफल स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरशिप मिलेगी।
सफलता की कहानी: तूबा सिद्दीकी
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा तूबा सिद्दीकी ने अपने स्टार्टअप सॉइल कॉन्सेप्ट (इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स) की कहानी साझा की। उनका स्टार्टअप यूनिवर्सिटी के फाउंडेशन से शुरू हुआ और आज CM युवा उद्यमी योजना की मदद से तरक्की कर रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
डॉ. सैयद नदीम अख्तर, प्रो-चांसलर, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने कहा कि हम युवाओं को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि रोजगार देने की क्षमता देना चाहते हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि यह समझौता यूपी को स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यूनिवर्सिटी अब वार्षिक स्टार्टअप समिट आयोजित करेगी। 100+ युवाओं को पहले चरण में लाभ मिलने की उम्मीद है।
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