माघी पूर्णिमा पर महाकुंभ में STF चीफ संभालेंगे कमान, सीएम योगी ने जारी किए निर्देश
Sandesh Wahak Digital Desk: महाकुंभ 2025 में अगला प्रमुख स्नान पर्व 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिससे प्रयागराज में अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है। मौनी अमावस्या स्नान के दौरान हुई भगदड़ जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंभ में व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए तेजतर्रार और अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया है। यूपी एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश को प्रयागराज भेजा गया है, जहां वे माघी पूर्णिमा स्नान की तैयारियों की कमान संभालेंगे। साथ ही, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कुंभ क्षेत्र में तैनात रहेंगे ताकि भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनी रहे।
भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्लान
महाकुंभ में उमड़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भी विशेष योजना लागू करने का निर्णय लिया है। मौनी अमावस्या पर सफल रही व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रेलवे ऑन-डिमांड ट्रेनों का संचालन करेगा। अयोध्या, वाराणसी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, कानपुर, झांसी और सतना की ओर अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी। प्रयागराज और फाफामऊ से अयोध्या, लखनऊ और जौनपुर के लिए भी विशेष ट्रेनें संचालित की जाएंगी।
मौनी अमावस्या के दिन संगम क्षेत्र में भगदड़ मचने से 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 90 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायिक आयोग का गठन किया है, जो इस हादसे की विस्तृत जांच कर रहा है। इसके अलावा, यूपी एसटीएफ और एटीएस भी इस हादसे की साजिश के एंगल से जांच कर रही हैं।
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष दलों को तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्नान पर्व को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं। माघी पूर्णिमा स्नान को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि यह महाकुंभ एक यादगार और सुरक्षित आध्यात्मिक आयोजन बन सके।
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