STF के शिकंजे में ‘करिया लोना’, नाम बदलकर छिपा था 50 हजार का इनामी, सुल्तानपुर से दबोचा गया

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ ने अंबेडकरनगर से वांछित और 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी करिया लोना को सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। करिया लोना पर हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे लगभग 17 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।

आधी रात को बिछाया गया जाल

एसटीएफ फील्ड इकाई अयोध्या को सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा शातिर अपराधी करिया लोना सुल्तानपुर के बेलखरियापुर गांव के पास छिपा हुआ है। पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ला के निर्देशन में उप-निरीक्षक सौरभ मिश्रा की टीम ने तत्काल कार्रवाई की और सोमवार रात करीब 11:45 बजे घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

पहचान छिपाकर काट रहा था दिन

पूछताछ में करिया लोना ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जिलों में अपने साथियों के साथ मिलकर लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम देता था। साल 2023 में हत्या के प्रयास के मामले में नाम आने के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब और हरियाणा भाग गया था। वहां उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए अपना नाम बदल लिया और मजदूरी करने लगा। कुछ दिन पहले ही वह वहां से वापस आकर सुल्तानपुर में चोरी-छिपे रह रहा था, लेकिन एसटीएफ की नजरों से नहीं बच सका।

अपराधों की लंबी फेहरिस्त

करिया लोना कोई साधारण अपराधी नहीं है। उसका आपराधिक इतिहास काफी पुराना और डरावना है।

आजमगढ़: साल 2019 में उसने आजमगढ़ के गंभीरपुर, देवगांव, बरदह और कप्तानगंज जैसे इलाकों में डकैती की कई वारदातों को अंजाम दिया था।

अंबेडकरनगर: जलालपुर, हंसवर और बसखारी थानों में उसके खिलाफ चोरी, लूट और जानलेवा हमले (धारा 307) के कई केस दर्ज हैं।

अब सलाखों के पीछे

गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने उसे अंबेडकरनगर के जलालपुर थाने में दाखिल कर दिया है। अंबेडकरनगर पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, जिससे क्षेत्र में हुई अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद है।

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