Prayagraj News: STF के हत्थे चढ़ा 50 हज़ार रुपये का इनामी गैंगस्टर
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय मेव गैंग के सरगना और 50,000 रुपये के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम इमरान उर्फ अनवर खां है, जो थाना घूरपुर, प्रयागराज से वांछित था।
एसटीएफ की एक विशेष टीम ने रविवार को दिन में करीब 12:10 बजे प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र में अमरेहा तिराहे के पास इमरान को घेरकर गिरफ्तार किया। वह रीवा-प्रयागराज राजमार्ग के सर्विस लेन के पास मौजूद था। इमरान पर थाना घूरपुर में वर्ष 2020 में हुई एक सशस्त्र डकैती (धारा 397) का आरोप है। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था और उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित था।
एसटीएफ को लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सक्रिय फरार और इनामी अपराधियों की गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिल रही थी। इसी कड़ी में, एसटीएफ आगरा फील्ड यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक राकेश की देखरेख में चल रहे एक ऑपरेशन के तहत टीम को एक मुखबिर से इस बात की सूचना मिली कि इमरान प्रयागराज में नजर आया है। इसी सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में इमरान ने बताया कि वह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है। उसने स्वीकार किया कि उसने 2020 में घूरपुर की डकैती में अपने पांच साथियों के साथ हिस्सा लिया था। इस गिरोह का तरीका है कि वे ग्रामीण इलाकों में दिनदहाड़े लूट, चोरी और डकैती के लिए घर चुनते हैं। यह गिरोह सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में भी अपराध करता है।
इमरान ने यह भी कबूल किया कि पिछले महीने दिसंबर 2025 में भी उसने घूरपुर में ही अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक बर्तन की दुकान में सेंध लगाने की कोशिश की थी। घरवालों के विरोध करने पर उनकी मारपीट करके वहां से भाग निकले थे। इस मामले में भी स्थानीय थाने में केस दर्ज है।
पुलिस को क्यों था चुनौतीपूर्ण
पुलिस के मुताबिक, इमरान गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी ससुराल चित्रकूट जिले के बरगढ़ इलाके में छिपा रहता था। वह सिर्फ किसी जरूरी काम से प्रयागराज आया था, जहां एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार इमरान को संबंधित मामलों में अदालत के सामने पेश किया गया है। उसे थाना घूरपुर के डकैती केस (मुकदमा क्रमांक 101/2020) और दिसंबर 2025 के हमले वाले मामले (मुकदमा क्रमांक 436/2025) में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

