यूपी में RTE एडमिशन के नियम और होंगे सख्त, योगी सरकार का शासनादेश जारी

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया को और भी सख्त और पारदर्शी बना दिया है। ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ (RTE) के तहत अब एडमिशन के लिए माता-पिता और बच्चे दोनों का आधार कार्ड अनिवार्य होगा और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी।

नए नियम और निगरानी

  • इस योजना का लाभ उन परिवारों के बच्चों को मिलेगा जिनकी सालाना आय ₹1 लाख से कम है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति, जनजाति, अनाथ और दिव्यांग परिवारों के बच्चे भी इसके पात्र होंगे।
  • पहली बार जिला स्तर पर एक क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) करेंगे। यह समिति पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी।
  • दाखिले के दौरान होने वाले विवादों को सुलझाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है।
  • अगर कोई भी स्कूल बिना किसी उचित कारण के किसी बच्चे को दाखिला देने से मना करता है, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है।
  • बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह पहल हर गरीब बच्चे को अच्छी शिक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार की जिम्मेदारी है कि हर वर्ग को समान अवसर मिले।

पारदर्शिता और वित्तीय मदद

दाखिले की पूरी प्रक्रिया www.rte25.upsdc.gov.in पोर्टल पर होगी। स्कूल अपनी खाली सीटों की जानकारी इसी पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

बच्चों की फीस का खर्च सरकार उठाएगी, साथ ही ड्रेस और किताबों के लिए हर साल ₹5,000 की आर्थिक मदद सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

अब कोई भी अभिभावक फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा, ऐसा करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने बताया कि स्कूलों को भी अब मनमानी करने की छूट नहीं होगी। फीस का भुगतान तभी किया जाएगा, जब स्कूल ऑनलाइन पोर्टल पर बच्चों का रजिस्ट्रेशन करेंगे और उनका सत्यापन किया जाएगा।

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