हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी, गुरुग्राम समेत कई जिलों में बिजली गुल

Sandesh Wahak Digital Desk: हरियाणा में बिजली निगम के कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को भी लगातार जारी है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बीच, हरियाणा सरकार ने हड़ताल पर गए कर्मचारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। राज्य के बिजली मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट शेयर कर कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर तुरंत ड्यूटी पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्रवाई करना भी शामिल है।

कर्मचारियों की इस हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, करनाल और अंबाला समेत राज्य के कई जिलों में बिजली गुल हो गई है। बिजली सप्लाई बाधित होने से आम नागरिकों के घरों, जलापूर्ति और औद्योगिक कामकाज पर बेहद बुरा असर पड़ा है। कई जगहों पर बिजली न आने से गुस्साए स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया है।

गुरुग्राम में हड़ताल का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है, जहां रात 10 बजे से ही बिजली आपूर्ति ठप होनी शुरू हो गई थी। हड़ताल शुरू होने के महज 12 घंटों के भीतर ही बिजली निगम के पास 3 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। रात के वक्त जहां 945 शिकायतें मिलीं, वहीं सुबह होते ही महज दो घंटे के अंदर 2245 शिकायतें और आ गईं। ऑनलाइन माध्यमों और कॉल सेंटर पर लगातार शिकायतों का तांता लगा हुआ है।

निजीकरण के विरोध में आर-पार के मूड में कर्मचारी

निजीकरण के विरोध में उड़े इस आंदोलन को लेकर बिजली यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की वादाखिलाफी के कारण ही उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा है। उनका आरोप है कि पहले वे सरकार के आश्वासनों पर आंदोलन वापस ले लेते थे, लेकिन इस बार वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन की इस सांकेतिक हड़ताल के दौरान सरकार ने यूनियनों के साथ बातचीत नहीं की और निजीकरण के फैसले को रद्द करने के साथ लंबित मांगें नहीं मानीं, तो इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि इस दौरान उन्होंने न तो खुद बिजली आपूर्ति बाधित की है और न ही वे फाल्ट ठीक कर रहे हैं; यहां तक कि आपातकालीन सेवाओं की लाइनों में भी फाल्ट आने पर वे काम पर नहीं लौटेंगे।

अनिल विज बोले- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार

इससे पहले बिजली मंत्री अनिल विज ने घोषणा की थी कि सरकार इलेवन पावर को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के HERC (हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग) के फैसले को अपिलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) में चुनौती देगी और इस पर रोक लगाने की मांग करेगी। कर्मचारियों का विरोध इस बात को लेकर है कि किसी निजी वितरक के आने से सरकारी स्वामित्व वाली दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) कमजोर हो जाएगी। अब देखने यह होगा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच होने वाली बातचीत से इस संकट का क्या हल निकलता है।

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