लखनऊ में कोटेदारों का जोरदार प्रदर्शन, 200 रुपये कमीशन और मानदेय की मांग पर अड़े
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को हजरतगंज चौराहे की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से जाम हो गई। वजह हैं प्रदेशभर से आए कोटेदार, जो आदर्श कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले जवाहर भवन का घेराव करके जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे ये कोटेदार अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
200 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन और मानदेय की मांग
संगठन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र पटेल ने बताया कि उनकी यह लड़ाई 20 सितंबर, 2023 से लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि अपने आंदोलन को मजबूती देने के लिए अलीगढ़ से ‘जनजागरण रथ यात्रा’ भी निकाली गई थी, जिसने कासगंज, एटा, हाथरस, आगरा, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई और लखनऊ समेत कई जिलों का भ्रमण किया, लेकिन सरकार ने उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
पटेल ने अपनी मुख्य मांगों पर जोर देते हुए बताया कि 30 सितंबर, 2023 को इको गार्डन लखनऊ में ‘कोटेदार एवं उपभोक्ता जन जागरण सम्मेलन’ आयोजित किया गया था। उस समय खाद्य आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कमीशन 200 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की गई थी। तत्कालीन अपर आयुक्त खाद्य ने सम्मेलन में कोटेदारों की मांगें पूरी करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

प्रदर्शनकारी कोटेदारों ने यह भी बताया कि वे पिछले 10 सालों से मानदेय (वेतन) की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोटेदार पूरे प्रदेश में जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम करते हैं, लेकिन उनकी खुद की जरूरतों को अनदेखा किया जा रहा है। फिलहाल उन्हें प्रति क्विंटल केवल 90 रुपये कमीशन मिलता है, जो परिवार का पेट पालने के लिए बहुत कम है। इसी में राशन की लोडिंग-अनलोडिंग का खर्चा भी शामिल होता है। कोटेदारों का दर्द है कि वे हर घर राशन पहुंचाने का जिम्मा उठाते हैं, लेकिन अपने परिवार की रोटी के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है।
हजरतगंज की सड़क जाम, पुलिस बल तैनात
प्रदर्शनकारियों ने जवाहर भवन के सामने हजरतगंज चौराहे की तरफ जाने वाली पूरी सड़क को ब्लॉक कर दिया है। कोटेदार लगातार हंगामा और नारेबाजी कर रहे हैं, और उनकी मांग है कि जब तक उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक वे सड़क खाली नहीं करेंगे।
स्थिति को देखते हुए, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सड़क पर आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। सुभाष पटेल ने साफ कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि कोटेदारों को 30 हजार रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाए, और जब तक यह मांगें पूरी नहीं होंगी, वे सड़क से नहीं हटेंगे।
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