रूस की ताकत का प्रतीक बना Su-34 फाइटर जेट, अमेरिका तक कर सकता है हमला
Sandesh Wahak Digital Desk: रूस दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनकी ताकतवर फाइटर जेट बनाने में विशेष महारत मानी जाती है। लड़ाकू विमानों के क्षेत्र में रूस की अमेरिका और पश्चिमी देशों से लंबे समय से प्रतिद्वंद्विता रही है। इसी कड़ी में रूस का Su-34 स्ट्राइक फाइटर खास चर्चा में रहता है। यह ऐसा विमान है, जिसकी क्षमता और रेंज अमेरिका जैसे देशों का भी ध्यान खींचती रही है।
सबसे लंबी ऑपरेशनल रेंज
मिलिट्री वॉच मैगजीन के मुताबिक Sukhoi Su-34 दुनिया में सबसे लंबी ऑपरेशनल रेंज वाला टैक्टिकल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी एंड्योरेंस यानी हवा में लंबे समय तक बने रहने की क्षमता है। यह क्षमता कई स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स के बराबर मानी जाती है। लंबे समय तक हवा में रहने और डीप पेनेट्रेशन मिशन को अंजाम देने की इसकी क्षमता इसे ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करती है।
इंटरनल फ्यूल पर लंबी दूरी की उड़ान
पश्चिमी फाइटर जेट्स के उलट रूसी फाइटर्स को आमतौर पर एक्सटर्नल फ्यूल टैंक के साथ बहुत कम देखा जाता है। इसकी वजह यह है कि उनकी लंबी रेंज इंटरनल फ्यूल टैंक पर आधारित होती है। इससे विमान को अतिरिक्त ड्रैग का सामना नहीं करना पड़ता और वह लंबी दूरी तक प्रभावी ढंग से ऑपरेट कर सकता है। एक्सटर्नल टैंक के इस्तेमाल से वेपन हार्डपॉइंट की संख्या कम हो सकती है, इसलिए रूसी डिजाइन में इंटरनल फ्यूल क्षमता को प्राथमिकता दी गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल ऑपरेशन की विशेष क्षमता
Su-34 को तीन PTB-3000 3,000 लीटर के एक्सटर्नल फ्यूल टैंक के साथ बहुत कम देखा जाता है, जो यह संकेत देता है कि यह विमान इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज पर ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से कॉन्फिगर किया जा सकता है। यह रूस से अमेरिका तक उड़ान भरने की क्षमता रखने वाला विमान माना जाता है।
Su-27 से विकसित हुआ शक्तिशाली प्लेटफॉर्म
Sukhoi Su-34 को सोवियत काल के प्रसिद्ध Sukhoi Su-27 एयर सुपीरियोरिटी फाइटर के डेरिवेटिव के रूप में विकसित किया गया था। Su-27 को 20वीं सदी में सबसे लंबी रेंज वाले फाइटर टाइप्स में गिना जाता था। उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए Su-34 को लंबी दूरी, अधिक एंड्योरेंस और बहुउद्देश्यीय स्ट्राइक क्षमता के साथ तैयार किया गया, जो आज भी वैश्विक सैन्य परिदृश्य में इसकी अलग पहचान बनाता है।
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