सुनीता विलियम्स ने 27 साल की सेवा के बाद नासा से लिया रिटायरमेंट
Sandesh Wahak Digital Desk: दुनिया की सबसे सफल और साहसी अंतरिक्ष यात्रियों में शुमार सुनीता विलियम्स ने अब अपने अंतरिक्ष सफर को हमेशा के लिए विराम दे दिया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि सुनीता विलियम्स 27 साल के गौरवशाली करियर के बाद रिटायर हो गई हैं। उनका यह रिटायरमेंट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर बिताए गए उनके सबसे चुनौतीपूर्ण और ऐतिहासिक 9 महीने के मिशन के बाद हुआ है।
नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने सुनीता को विदाई देते हुए कहा, वह ह्यूमन स्पेसफ्लाइट की दुनिया में एक मिसाल रही हैं। उनके नेतृत्व ने चांद और मंगल जैसे भविष्य के मिशनों की नींव रखी है। पीढ़ियां उनके साहस से प्रेरणा लेती रहेंगी। सुनीता विलियम्स का आखिरी मिशन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। वह जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से महज कुछ दिनों के लिए अंतरिक्ष में गई थीं। लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उनका यह मिशन बढ़ता चला गया। उन्होंने और उनके साथी बुच विल्मोर ने हार नहीं मानी और 286 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद मार्च 2025 में सुरक्षित धरती पर लौटे।
सुनीता विलियम्स के नाम दर्ज अनोखे रिकॉर्ड्स
सबसे ज्यादा स्पेसवॉक: उन्होंने कुल 9 स्पेसवॉक किए, जिसका कुल समय 62 घंटे 6 मिनट है। किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री के लिए यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
मैराथन इन स्पेस: वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली दुनिया की पहली इंसान बनीं।
पानी के अंदर भी पराक्रम: वह नासा के ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत 9 दिनों तक पानी के अंदर भी रहीं।
अनुभव: वह सबसे लंबी सिंगल स्पेसफ्लाइट की लिस्ट में छठे नंबर पर हैं।
सुनीता विलियम्स का जन्म अमेरिका के ओहायो में हुआ था, लेकिन उनकी जड़ें भारत के गुजरात से जुड़ी हैं। उनके पिता डॉ. दीपक पांड्या गुजरात के मेहसाणा जिले के रहने वाले थे। सुनीता ने हमेशा अपनी भारतीय विरासत पर गर्व महसूस किया है और वह कई बार भारत भी आ चुकी हैं।
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