उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
Sandesh Wahak Digital Desk: ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म की रिलीज को कांवड़ यात्रा तक रोकने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद यह याचिका खारिज हो गई।
दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही आदेश दे चुका है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा, पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट इस पर आदेश दे चुका है, इसलिए इस मांग पर हम कोई सुनवाई नहीं करेंगे। यानी सुप्रीम कोर्ट ने इस फिल्म की रिलीज पर सीधे कोई रोक नहीं लगाई है, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है।
कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित है फिल्म
‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म शुक्रवार को ही रिलीज होनी थी। यह फिल्म 28 जून, 2022 को राजस्थान के उदयपुर में हुए दर्जी कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित है। उस घटना में मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने मिलकर कन्हैयालाल का गला रेत दिया था, जिसके बाद पूरे देश में भारी आक्रोश देखने को मिला था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा था जवाब
हालांकि, कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी इस फिल्म की रिलीज पर 10 जुलाई, 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्थायी रूप से रोक लगाई थी। यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक केंद्र सरकार फिल्म को सेंसर बोर्ड (CBFC) से मिली मंजूरी के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर निर्णय नहीं ले लेती।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति अनीश दयाल की पीठ इस मामले में कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इनमें से एक याचिका जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी दायर की थी। उन्होंने फिल्म को मिले सीबीएफसी प्रमाणन को रद्द करने की मांग की थी।
इन याचिकाओं में तर्क दिया गया था कि फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज से सांप्रदायिक तनाव भड़कने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका है, जिससे देश में धार्मिक सद्भाव का ताना-बाना गंभीर रूप से प्रभावित होगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह निर्माता को सुनवाई का अवसर देकर एक सप्ताह के भीतर पुनर्विचार याचिकाओं पर निर्णय ले। यदि याचिका में अंतरिम राहत की मांग की गई हो, तो उस पर भी विचार कर निर्णय लिया जाए।
Also Read: Asia Cup 2025 भी हो जाएगा रद्द? भारत और श्रीलंका का ACC बैठक से इनकार, आयोजन को लेकर असमंजस

