जस्टिस यशवंत वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अधजली नकदी मामले में जारी रहेगी संसदीय जांच
Sandesh Wahak Digital Desk: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही संसदीय समिति की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया और जांच का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
यह पूरा विवाद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। जस्टिस यशवंत वर्मा पर अधजली नकदी (Semi-burnt cash) मामले में शामिल होने के आरोप लगे थे। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ने उनके खिलाफ जांच के लिए एक संसदीय समिति का गठन किया था। जस्टिस वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में इस समिति के गठन को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि जब राज्यसभा के उपसभापति ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव पहले ही खारिज कर दिया था, तो दोबारा समिति बनाने का कोई औचित्य नहीं है।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एससी शर्मा की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए 8 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने आज अपने फैसले में कहा कि संसदीय समिति की जांच पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अब यह समिति अपनी जांच जारी रखेगी और अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपेगी, जिसके आधार पर महाभियोग की कार्यवाही पर भविष्य का फैसला होगा।

