सुप्रीम कोर्ट का दिवाली गिफ्ट: दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों पर लगी रोक हटी
Sandesh Wahak Digital Desk: दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की बिक्री पर लगी रोक हटाते हुए उनके जलाने की अनुमति दे दी है। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि उत्सव की भावना और पटाखा उद्योग से जुड़े लाखों लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
संतुलित रवैया जरूरी
मुख्य न्यायाधीश गवई ने सुनवाई के दौरान कहा कि ग्रीन पटाखों के अलावा दूसरे पटाखों की तस्करी एक चिंता का विषय है, लेकिन हमें संतुलित रवैया अपनाना होगा। कोर्ट ने माना कि पटाखों पर पूरी तरह से रोक लगाने के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में कोई विशेष सुधार नहीं देखा गया है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एमिकस क्यूरी के सुझावों पर विचार करते हुए कोर्ट ने त्योहार पर लोगों को सीमित छूट देने का निर्णय लिया।
वहीं पटाखा उत्पादकों ने सुप्रीम कोर्ट से दलील दी थी कि सरकार केवल पटाखों को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, जबकि पराली जलाने और वाहनों से निकलने वाले धुएं पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि साल 2018 में जब पटाखों पर बैन लगाया गया, तो क्या वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार हुआ? जवाब में बताया गया कि कोई खास असर नहीं देखा गया।

कौन बेच सकेगा पटाखे ?
यहां सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पटाखों की बिक्री केवल उन्हीं उत्पादकों को करने की अनुमति होगी, जिनके पास नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) का वैध लाइसेंस है। इन उत्पादकों को 18 से 21 अक्टूबर तक सीमित स्थानों पर ग्रीन पटाखे बेचने की इजाजत दी गई है।
वहीं कोर्ट ने निर्देश दिया है कि दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली के दिन दो, सुबह 6 से 7 बजे तक और शाम 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।
निगरानी और सैंपल जांच के निर्देश
वहीं कोर्ट ने पुलिस पेट्रोलिंग टीमों को सख्त निगरानी करने का आदेश दिया है। सभी पटाखों की सैंपल जांच होगी और QR कोड वाले ग्रीन पटाखे ही बेचने की अनुमति होगी। अगर कोई व्यापारी गलत या प्रतिबंधित पटाखे बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के जिलों को भी मिली राहत
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हरियाणा के 14 जिले NCR क्षेत्र में आते हैं, यानी राज्य का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पटाखा प्रतिबंध से प्रभावित था। अब इन जिलों में भी ग्रीन पटाखों की बिक्री और जलाने की अनुमति होगी।
इस फैसले से एक तरफ जहां पटाखा उद्योग से जुड़े लोगों में खुशी की लहर है, वहीं पर्यावरण विशेषज्ञों ने कोर्ट के आदेश पर निगरानी और सख्ती की जरूरत पर जोर दिया है ताकि ग्रीन पटाखों की आड़ में पारंपरिक पटाखों की बिक्री न हो सके।
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