यूपी में सड़क हादसों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 55 जिलों में शुरू हुआ ‘जीरो फैटेलिटी’ मिशन

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। शनिवार को लखनऊ के सिग्नेचर बिल्डिंग (पुलिस मुख्यालय) में यातायात निदेशालय और फरीदाबाद के IRTE के सहयोग से एक बड़ी कार्यशाला का उद्घाटन हुआ।

क्या है ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ (ZFD) योजना?

सड़क सुरक्षा को सिर्फ चालान काटने तक सीमित न रखकर अब इसे पांच स्तंभों एजुकेशन, एनफोर्समेंट, इंजीनियरिंग, इमरजेंसी केयर और इनवायरमेन्ट पर फोकस किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अलीगढ़-बुलंदशहर और लखनऊ-सीतापुर जैसे मार्गों पर पेट्रोलिंग बढ़ाने और दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच करने से हादसों में 30 से 58 प्रतिशत तक की कमी आई है।

दूसरे चरण में प्रदेश के बाकी 55 जिलों के उन 245 थानों को चुना गया है जहां सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं। इन जिलों के पुलिस अफसरों को अब वैज्ञानिक तरीके से जांच करने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

सिर्फ तेज रफ्तार लिखना काफी नहीं: डॉ. रोहित बलूजा

IRTE के अध्यक्ष डॉ. रोहित बलूजा ने पुलिस अधिकारियों को समझाते हुए कहा कि दुर्घटना की रिपोर्ट में केवल तेज रफ्तार या लापरवाही लिखना पर्याप्त नहीं है। जांच वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) को मोटर व्हीकल एक्ट के साथ जोड़कर केस को इतना मजबूत बनाया जाए कि नियमों को तोड़ने वालों में कानून का डर बैठे।

सिर्फ नवंबर नहीं, साल भर चले जागरूकता

यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने कार्यशाला में कहा कि जागरूकता अभियान सिर्फ ‘यातायात माह’ (नवंबर) तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने तकनीकी सुधारों पर जोर देते हुए कहा ओवर-स्पीडिंग पर तुरंत मोबाइल अलर्ट और ऑटोमैटिक चालान व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। जिन जगहों पर बार-बार हादसे होते हैं, वहां नगर निगम के सहयोग से स्थायी साइन बोर्ड और होर्डिंग्स लगाए जाएंगे। भारी जुर्माने से ज्यादा जरूरी यह है कि हर नियम तोड़ने वाले को सजा मिले, ताकि जवाबदेही तय हो सके।

इस कार्यशाला में एडीजी (यातायात) ए. सतीश गणेश ने भी पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया और ‘ट्रेन द ट्रेनर्स’ मॉडल पर काम करने का आह्वान किया।

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