लखनऊ: शराब का नशा और मामूली विवाद में ले ली जान, 24 घंटे में पुलिस सुलझाई हत्या की गुत्थी
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में मंगलवार सुबह सड़क किनारे मिली एक युवक की लाश ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया है कि शराब के नशे में हुई एक मामूली झड़प के कारण उन्होंने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया।
क्या था पूरा मामला?
3 फरवरी की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि सड़क किनारे एक शख्स का शव लहूलुहान हालत में पड़ा है। मृतक की पहचान संतराम के रूप में हुई। संतराम के भाई मस्तराम की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके के करीब 15-20 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और मुखबिरों को सक्रिय किया।
जांच में एक काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और दो संदिग्धों का सुराग मिला। पुलिस ने जब दबिश दी, तो आरोपी दीपक और सुशील अपने घर के बाहर मढ़इया में सोते हुए पकड़े गए।
सिर्फ एक टक्कर और गाली-गलौज
पूछताछ में आरोपियों ने जो बताया वह हैरान करने वाला है। घटना की रात यानी 2 फरवरी को सुशील और दीपक ने जमकर शराब पी रखी थी। रात करीब 11:30 बजे जब वे अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी रास्ते में साइकिल से आ रहे संतराम से उनकी टक्कर हो गई।

आरोपियों का दावा है कि संतराम ने उन्हें गाली दे दी, जिससे वे आगबबूला हो गए। नशे में धुत दोनों युवकों ने मोटरसाइकिल मोड़ी, संतराम को रोका और ईंट व लात-घूंसों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद वे उसे घसीटकर पास के खाली प्लॉट में फेंककर भाग निकले। चोट इतनी गंभीर थी कि संतराम ने वहीं दम तोड़ दिया।
पुलिस टीम को मिला इनाम
पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई ईंट और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (UP 32 PR 5066) बरामद कर ली है। पकड़े गए दोनों आरोपी पेशे से मजदूर हैं। मात्र 24 घंटे में इस हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) ने 15,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
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