जूडो की ‘द्रोणाचार्य’ सुषमा अवस्थी सम्मानित, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल दिलाने और खिलाड़ी गढ़ने के लिए मिला सम्मान
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित पैरा जूडो अकादमी में रविवार को एक बेहद खास सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मौका था भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की मुख्य कोच सुषमा अवस्थी के योगदान को सराहने का। इस दौरान खेल जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उनकी मौजूदगी को भारतीय जूडो के लिए एक वरदान बताया।

मैदान से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
सुषमा अवस्थी का नाम आज जूडो की दुनिया में सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने क्यूबा और उज्बेकिस्तान जैसे जूडो के पावरहाउस देशों से ‘एडवांस हाई परफॉर्मेंस’ ट्रेनिंग ली है। इस अंतरराष्ट्रीय अनुभव को उन्होंने भारतीय मिट्टी के खिलाड़ियों में बखूबी ढाला है।
उनकी कोचिंग के दौरान भारतीय सीनियर टीम ने कॉमनवेल्थ और एशियन जूडो चैंपियनशिप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में देश का तिरंगा फहराया है। वर्तमान में वे खेलो इंडिया और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE) के युवाओं को तराश रही हैं।

महिला खिलाड़ियों के लिए बनीं मजबूत ढाल
सुषमा अवस्थी का योगदान सिर्फ मैट तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने ‘अस्मिता खेलो इंडिया महिला लीग’ जैसी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कर देश की बेटियों को एक ऐसा मंच दिया, जहां वे अपनी प्रतिभा साबित कर सकें। सम्मान समारोह में मुनव्वर अंजार (महासचिव, भारतीय पैराजूडो एसोसिएशन) ने कहा, “सुषमा जी जैसी समर्पित कोच न केवल खिलाड़ी बनाती हैं, बल्कि एक मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण भी करती हैं।”
दिग्गजों ने दी बधाई
समारोह में अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी प्रकाश चंद्र, राजेंद्र शर्मा और कई वरिष्ठ प्रशिक्षक मौजूद रहे। वहां मौजूद युवा खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ कहा कि सुषमा मैम उनके लिए सिर्फ एक कोच नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत हैं। यह सम्मान उनके अनुशासन और राष्ट्र के प्रति उनके सेवा भाव का प्रतीक है।

