Varanasi News: UGC नियमों पर स्वामी जितेन्द्रनंद बोले- क्या ऊंची जाति में जन्म लेना अपराध है
Varanasi News: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइंस को लेकर अब संतों ने मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय संत समिति ने इन नियमों को हिंदू समाज को बांटने वाली साजिश करार दिया है। समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रनंद सरस्वती ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने और इन नियमों को बनाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
स्वामी जितेन्द्रनंद सरस्वती ने नई नियमावली पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि यह फैसला भेदभाव से भरा है। उन्होंने कहा, हमारा संविधान हर नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है, लेकिन यूजीसी की ये नई गाइडलाइंस युवाओं के मन में ज़हर घोल रही हैं। ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे ऊंची जाति में जन्म लेना कोई अपराध हो।
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झूठी शिकायतों के डर पर जताई चिंता
संत समाज का सबसे बड़ा विरोध इस बात को लेकर है कि नई नियमावली में झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ किसी ठोस कार्रवाई का जिक्र नहीं है। स्वामी जितेन्द्रनंद ने कहा, आने वाले समय में किसी भी युवा को झूठी शिकायतों के आधार पर निशाना बनाया जा सकता है। इससे आपसी भाईचारा खत्म होगा और राष्ट्र की एकता को चोट पहुंचेगी।
अधिकारियों से इस्तीफे की मांग
स्वामी जितेन्द्रनंद ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदू समाज को वर्गों में बांटने की इस कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि यूजीसी के अध्यक्ष और शिक्षा मंत्रालय के जिन अधिकारियों ने ये नियम बनाए हैं, उन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए। भारत एक राष्ट्र, एक मन के सिद्धांत पर चलता है, और इसे नियमों के जाल में उलझाकर कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

