स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से मिली नियमित जमानत
Sandesh Wahak Digital Desk: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट के अनुसार, जमानत की विस्तृत शर्तों से संबंधित लिखित आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा।
इससे पूर्व, 15 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी। उस दौरान अदालत ने स्पष्ट किया था कि अंतरिम जमानत की अवधि में आरोपी के आचरण और व्यवहार को देखने के बाद ही नियमित जमानत की याचिका पर विचार किया जाएगा।
4 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि उसने जुलाई महीने में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, पीड़ित को आई चोटें मामूली थीं, जो किसी स्टील के कंगन से लगी प्रतीत होती थीं।
FIR में जोड़ी गई थीं गंभीर धाराएं
मामले की जांच आगे बढ़ने पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) तथा आपराधिक धमकी की धाराएं जोड़ दी थीं। इसके अलावा, नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एक नई प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी, जिसमें ऑनलाइन उत्पीड़न और धमकियां देने का आरोप लगाया गया था।
यह पूरा विवाद एक कथित वायरल वीडियो के बाद गहराया था। वीडियो में आरोपी भारद्वाज को कथित तौर पर यह दावा करते हुए देखा गया था कि उसने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया है और अपने राजनीतिक संपर्कों के कारण बचा हुआ है।
मामले में दूसरा पक्ष भी कोर्ट पहुंचा
दूसरी तरफ, सितंबर की शुरुआत में एडवोकेट अमिता सचदेवा ने भी पटियाला हाउस कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी में संजय आजाद और उनकी नाबालिग बेटी निशु आजाद के खिलाफ हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
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