सीरियाई सेना का रक्का की अल-अक्तान जेल पर कब्जा, 2000 बंदियों की फाइलों की जांच शुरू
Sandesh Wahak Digital Desk: सीरियाई सरकार ने शुक्रवार को उत्तरी हिस्से में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए अल-अक्तान जेल पर नियंत्रण हासिल कर लिया। इस जेल में इस्लामिक स्टेट (IS) के कट्टर सदस्यों समेत करीब 2,000 बंदी रखे गए हैं। कुर्द लड़ाकों और सरकारी सेना के बीच हुए एक समझौते के बाद एसडीएफ (SDF) लड़ाके इस इलाके को खाली कर कोबानी क्षेत्र की ओर चले गए हैं।
पिछले कुछ दिनों में यह दूसरी बड़ी जेल है जो सरकार के हाथों में आई है। सोमवार को इराक सीमा के पास शद्दादेह जेल में सेना के प्रवेश के समय अफरा-तफरी मच गई थी, जिसका फायदा उठाकर 120 आईएस बंदी भाग निकले थे। हालांकि, सरकार का दावा है कि उनमें से अधिकतर को फिर से पकड़ लिया गया है। अल-अक्तान जेल में अब जेल प्राधिकरण बंदियों की फाइलों और उनकी पहचान की समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अमेरिका और एसडीएफ की बदलती भूमिका
सीरिया में एक दशक तक आईएस के खिलाफ मुख्य ताकत रहे कुर्दिश नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) की भूमिका अब सिमटती दिख रही है। अमेरिकी दूत टॉम बैरैक ने स्पष्ट किया है कि अब सीरिया की नई सरकार सुरक्षा जिम्मेदारियां संभालने के लिए सक्षम है, इसलिए एसडीएफ की अलग भूमिका को और लंबा खींचने की जरूरत नहीं है।
अमेरिका ने जेलों में बंद करीब 9,000 आईएस आतंकियों में से कुछ को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। वहीं, इराक ने भी अपने नागरिकों (आईएस बंदी) को वापस लेने का अनुरोध किया है। सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ और एसडीएफ कमांडर मज़लूम अब्दी के बीच हुए समझौते के अनुसार, अब अमेरिका समर्थित इन बलों का विलय सीरिया के रक्षा और आंतरिक मंत्रालयों में किया जाएगा। इस समझौते के बाद ही 800 एसडीएफ लड़ाकों को वहां से सुरक्षित निकलने का रास्ता (गलियारा) दिया गया।
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