बरेली में मुहर्रम जुलूस के दौरान ताजिया में लगी आग, लापरवाही के आरोप में दरोगा निलंबित
Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली के गौसगंज गांव में रविवार रात मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। जुलूस में शामिल ताजिया अचानक हाई-टेंशन तारों के संपर्क में आ गया, जिससे उसमें आग लग गई और मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ।
इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आने पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, ताजिया की ऊंचाई अनुमेय सीमा से कहीं ज्यादा थी, इसके बावजूद उसे जुलूस में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।
नियमों से दोगुना ऊंचा था ताजिया
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि दिशा-निर्देशों के अनुसार ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट होनी चाहिए, लेकिन मौके पर ताजिया 23 फीट ऊंचा पाया गया। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा जुलूस के लिए दी गई अनुमति उपनिरीक्षक अशोक कुमार की रिपोर्ट के आधार पर जारी की गई थी, जिसमें उन्होंने ताजिया की ऊंचाई को मान्य सीमा के भीतर बताया था। इस झूठी जानकारी के चलते पूरे जुलूस को खतरे में डाल दिया गया।
एसएसपी ने लिया सख्त एक्शन
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपनिरीक्षक अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। SSP आर्य ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
समय रहते टला बड़ा हादसा
पुलिस के अनुसार घटना उस वक्त हुई जब ताजिया जुलूस बरेली-शाहजहांपुर मार्ग की ओर बढ़ रहा था। अचानक ऊंचे ताजिये का ऊपरी हिस्सा बिजली के तारों से टकरा गया और उसमें आग लग गई। स्थानीय लोगों और आयोजकों की तत्परता से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और जले हुए हिस्से को ताजिए से हटा दिया गया। बचे हुए हिस्से को नियत कर्बला स्थल तक ले जाकर परंपरागत रूप से दफनाया गया।
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