शिक्षक ज्ञान के दीपक और राष्ट्र निर्माण के आधार स्तंभ: डिप्टी सीएम केशव मौर्य
Sandesh Wahak Digital Desk: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर, शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में आयोजित एक सम्मान समारोह में शिक्षकों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान नहीं देते, बल्कि राष्ट्र निर्माण के आधार स्तंभ हैं। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले 513 शिक्षकों को सम्मानित किया।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर है। उन्होंने प्रयागराज को ‘पूरब का ऑक्सफोर्ड’ बताते हुए कहा कि यह शहर हमेशा से शिक्षा का गढ़ रहा है।

शिक्षक तय करते हैं भावी पीढ़ी की दिशा
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “शिक्षक वह व्यक्तित्व हैं, जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।” उन्होंने शिक्षकों को समाज सुधारक बताते हुए कहा कि वे सिर्फ पढ़ाई नहीं कराते, बल्कि बच्चों को संस्कार, मूल्य, अनुशासन और चरित्र भी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह दीपक खुद जलकर दूसरों को रोशनी देता है, उसी तरह शिक्षक भी कठिनाइयों का सामना कर समाज को एक उज्ज्वल भविष्य देते हैं।
‘विकसित भारत’ में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश तेजी से विकास कर रहे हैं। ‘विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को पूरा करने में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता शिक्षा और शिक्षकों का कल्याण है। उन्होंने शिक्षकों को विश्वास दिलाया कि सरकार उनके सम्मान और सुविधाओं के लिए हमेशा कटिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि आज हमारा मुकाबला सिर्फ देश के दूसरे राज्यों से नहीं, बल्कि दुनिया के टॉप देशों से है। इस दिशा में हमारे शिक्षकों ने हर क्षेत्र में, यहाँ तक कि अंतरिक्ष में भी, भारतीय प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने ग्रुप कैप्टन सुभ्रांशु शुक्ला की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।
‘स्वदेशी अपनाएं और छात्रों को प्रेरित करें’
डिप्टी सीएम ने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को स्वदेशी सामानों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में चौथे नंबर पर है, और इसे 2027 तक तीसरे स्थान पर लाना है, जिसमें शिक्षकों की भूमिका बहुत अहम होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गरीब के बच्चों को शिक्षित कर उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने सभी शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनकी जो भी समस्याएँ हैं, उनका समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम में कई विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
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