बौद्ध भिक्षुओं के 80,000 अश्लील वीडियो से हिला थाईलैंड, हनी ट्रैप के जरिए महिला ने बनाया शिकार
Sandesh Wahak Digital Desk: संयम और ब्रह्मचर्य की मिसाल माने जाने वाले बौद्ध धर्म को थाईलैंड में एक बड़े यौन घोटाले ने झकझोर कर रख दिया है। एक महिला ने अपने ‘हनी ट्रैप’ के ज़रिए 9 वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं को न सिर्फ़ यौन संबंधों में फँसाया, बल्कि उनके अंतरंग पलों के 80,000 से ज़्यादा फ़ोटो और वीडियो बनाकर उनसे करोड़ों रुपये की उगाही की। चौंकाने वाली बात यह है कि तीन साल में यह रकम लगभग 102 करोड़ रुपये तक पहुँच गई।
यह सनसनीखेज़ मामला तब सामने आया, जब एक भिक्षु ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अपना ब्रह्मचर्य जीवन ही त्यागने को मजबूर हो गया। अब थाईलैंड की सरकार और पुलिस ने देश के हर मठ और भिक्षु की जांच का आदेश जारी कर दिया है। धर्म, आस्था और नैतिकता की दीवारों के पीछे छिपे इस काले सच ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है।
कौन है आरोपी महिला
गिरफ्तार महिला की पहचान विलेवन एम्सवाट उर्फ मिस गोल्फ के रूप में हुई है। पुलिस जांच में पता चला है कि विलेवन एक सुनियोजित तरीके से उन भिक्षुओं को अपना निशाना बनाती थी, जो समाज में उच्च पदों पर थे या जिनके पास आर्थिक संसाधन थे। वह पहले सोशल मीडिया के ज़रिए उनसे संपर्क करती, फिर निजी संबंध बनाकर उनका भरोसा जीतती। इसके बाद वह उनके अंतरंग पलों को रिकॉर्ड करती और उन्हीं तस्वीरों व वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल करने लगती।
Wilawan Emsawat, 35, has been charged with extortion in Thailand for allegedly recording herself having sex with Buddhist monks & then blackmailing them for money. The case, dubbed a national scandal, began when high-ranking monk Phra Thep Wachirapamok went missing; police later… pic.twitter.com/nwgT3bxVMP
— True Crime Updates (@TrueCrimeUpdat) July 19, 2025
ब्लैकमेलिंग का जाल और खुलासा कैसे हुआ
इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब एक वरिष्ठ भिक्षु ने अचानक अपना ब्रह्मचर्य जीवन त्याग दिया। उस भिक्षु ने खुलासा किया कि महिला ने दावा किया था कि वह उसके बच्चे की माँ बनने वाली है और इस रहस्य को छिपाने के बदले उसने करीब 72 लाख थाई बहत (लगभग 1.6 करोड़ रुपये) की मांग की थी। महिला की धमकियों और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर भिक्षु ने खुद को धर्मसंघ से अलग कर लिया।
जब यह मामला पुलिस तक पहुँचा और जांच शुरू हुई, तब पता चला कि ऐसे कुल 9 भिक्षु इस महिला के जाल में फंस चुके हैं। इनमें से कुछ भिक्षुओं ने यह स्वीकार भी किया कि वे महिला से रिश्ते में थे और उसे महंगे उपहार भी देते थे, जैसे कि कार और पैसे। एक भिक्षु ने बताया कि जब उसे यह पता चला कि वह महिला किसी और भिक्षु के साथ भी संबंध में है, तब उसने खुद को ठगा महसूस किया और यहीं से महिला ने पैसों की मांग शुरू कर दी।
मंदिर के फंड का भी हुआ दुरुपयोग
जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि महिला के बैंक खाते में बड़ी रकम एक बौद्ध मंदिर के खाते से ट्रांसफर की गई थी। इस ट्रांजैक्शन के बाद पुलिस ने मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वसूली और चोरी के सामान को रखने के आरोपों में विलेवन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि उसने करीब 80,000 से ज़्यादा अश्लील फ़ोटो और वीडियो एकत्र किए थे, जिनके बल पर वह भिक्षुओं को डरा-धमका कर मोटी रकम वसूलती थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विलेवन ने जो पैसा ऐंठा, उसमें से अधिकांश रकम जुए में गंवा दी। महिला की गिरफ्तारी के बाद वह यह स्वीकार कर चुकी है कि उसके भिक्षुओं के साथ रिश्ते थे, लेकिन उसने दावा किया कि उसने पैसे लिए नहीं, बल्कि कई बार खुद दिए।
छापे में मिला चौंकाने वाला सबूत और बड़ी कार्रवाई
पुलिस ने विलेवन के बैंकाक के पास स्थित आलीशान घर पर छापा मारा, जहाँ से 80,000 से अधिक अश्लील फ़ोटो और वीडियो बरामद किए गए। ये वीडियो कम से कम 5 अलग-अलग रिकॉर्डिंग डिवाइसों से रिकॉर्ड किए गए थे। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई भिक्षु यौन संबंध बनाते समय भी अपने भिक्षु वस्त्र पहने हुए थे।
अब तक की कार्रवाई में, 9 वरिष्ठ भिक्षुओं को उनके पद से हटा दिया गया है (पदच्युत कर दिया गया है) और एक पर मंदिर के फंड में गबन का आरोप लगा है। इस प्रकरण के बाद थाईलैंड में मंदिरों की वित्तीय प्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने देश के सभी 300,000 बौद्ध भिक्षुओं की जांच का आदेश दिया है।
राजा ने भी लिया कड़ा कदम, जनता में तीखी बहस
थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न ने अपने 73वें जन्मदिन समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित 80 से अधिक भिक्षुओं के निमंत्रण रद्द कर दिए हैं। राजमहल की ओर से कहा गया कि भिक्षुओं के “अनुचित आचरण” के कारण यह कदम उठाया गया, जिससे समाज में मानसिक असहजता फैली। सोशल मीडिया पर यह मामला तीखी बहस का मुद्दा बना हुआ है। कुछ लोग विलेवन को मुख्य दोषी मानते हैं, वहीं कई उसे ‘बलि का बकरा’ बता रहे हैं और भिक्षुओं की नैतिक ज़िम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं।

