आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में देरी करने वाले ग्राम प्रधानों के खाते होंगे सीज: सीडीओ
कुशीनगर: कुशीनगर के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) गुंजन द्विवेदी ने विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ग्राम प्रधानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक के दौरान, उन्होंने उन प्रधानों के वित्तीय खाते सील करने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की बात कही, जिनके कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण रुका हुआ है।
आंगनबाड़ी और सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा
सीडीओ ने बताया कि वर्ष 2022-23 और 2024-25 में 85 आंगनबाड़ी केंद्रों को मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब तक सिर्फ 2 का निर्माण पूरा हुआ है, और 16 का काम शुरू भी नहीं हो पाया है। उन्होंने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इसके अलावा, सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया कि प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम 50 पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करें।
सीडीओ ने इस बात पर भी जोर दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि चयन में बार-बार बदलाव क्यों हो रहा है, जबकि शुरुआत में निर्विवाद स्थल का चुनाव करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब कोई भी स्थल परिवर्तन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अन्य विकास कार्यों का जायजा
बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प और क्रॉप सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। दिव्यांग शौचालयों और विद्यालयों की बाउंड्रीवॉल के निर्माण में हुई प्रगति पर सीडीओ ने संतोष व्यक्त किया, लेकिन बचे हुए कामों को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। क्रॉप सर्वे की खराब स्थिति पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की और इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए।
493 रोजगार सेवकों में से 446 के काम करने और 617 पंचायत सहायकों में से सिर्फ 417 के काम करने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। बैठक में डीडीओ अरुण कुमार पांडेय, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, और उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

