पराली प्रबंधन और धान खरीद पर कमिश्नर सख्त, बरेली मंडल की समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश

Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 27 अक्टूबर को विकास भवन सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। मंडलायुक्त ने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की और सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी।

पराली प्रबंधन: जागरूकता और जुर्माने पर जोर

मंडलायुक्त ने पराली प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए किसानों को जागरूक करने का निर्देश दिया ताकि वे खेतों में पराली न जलाएं। समीक्षा में बताया गया कि मंडल में कुल 137 घटनाएं (बरेली में 17, पीलीभीत में 54, बदायूं में 4 और शाहजहांपुर में 62) चिन्हित हुई हैं। जांच के दौरान बरेली में 6 घटनाएं पराली जलाने की पुष्टि हुईं।

कमिश्नर ने निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं के जिम्मेदारों पर जुर्माना लगाया जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार हो, ताकि अन्य किसान सतर्क हो सकें।

डिजिटल क्रॉप सर्वे (ई-खसरा पड़ताल) की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी कृषि भूमि के क्रय-विक्रय, विभाजन/विरासत के साथ सर्वे को अपडेट करने के निर्देश दिए। यह भी बताया गया कि 1 अप्रैल के बाद फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों को किसान सम्मान निधि नहीं मिलेगी।

  • धान खरीद: केंद्र प्रभारियों को सतर्क रहने का निर्देश
  • धान खरीद की समीक्षा में पता चला कि मंडल में 22,61,800 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक 7,19,000 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
  • मंडलायुक्त ने अधिकारियों को धान क्रय केंद्रों की प्रतिदिन रिपोर्टिंग लेने और शून्य खरीद वाले केंद्रों पर खरीद शुरू कराने के निर्देश दिए।
  • मौसम की संभावित बारिश को देखते हुए केंद्र प्रभारियों को आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश देने को कहा गया।
  • रोजा में सबसे अधिक खरीद होने के कारण संभावित स्टोरेज समस्या पर ध्यान देने को कहा गया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की समीक्षा

  • संस्थागत प्रसव: पीलीभीत को छोड़कर अन्य जनपदों में अच्छा कार्य पाया गया। पीलीभीत के जरीयनपुर में कम संस्थागत प्रसव होने पर हर स्कूल/सीएचसी पर साप्ताहिक औचक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए।
  • टीबी मुक्त भारत अभियान: बरेली में 68,465 लोगों का माइक्रोस्कोपी टेस्ट हुआ और 43% मरीज अडॉप्ट किए गए हैं, लेकिन पीलीभीत और बदायूं अडॉप्शन में पीछे पाए गए।
  • निक्षय मित्र प्रोत्साहन: मंडलायुक्त ने निक्षय मित्रों (जो टीबी मरीज को पोषण किट और सामाजिक सहायता देते हैं) को प्रमाण पत्र आदि प्रदान कर प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
  • आयुष्मान कार्ड: मंडल के सभी जनपदों में 78% से 80% तक कार्ड बनाए गए हैं।
  • नेत्र ज्योति अभियान: पीलीभीत में बच्चों को चश्मे का वितरण शुरू न होने पर शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लक्ष्य (2200) पूरा करने के निर्देश दिए गए।
  • डेंगू नियंत्रण: संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा में पीलीभीत की तहसील बीसलपुर के ग्राम रसायखानपुर में 98 डेंगू मरीज मिलने की जानकारी दी गई। गांव में उथले हैंडपंपों को हटवाकर पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
  • मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और योजनाओं की प्रगति

सीएम डैशबोर्ड के अंतर्गत कम रैंक प्राप्त होने के कारणों की समीक्षा की गई।

  • विद्युत विभाग: खराब रैंक के लिए विद्युत विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार पाया गया। चारों जनपदों के अधीक्षण अभियंता पर कार्यवाही हेतु एमडी को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए।
  • पीएम सूर्य घर योजना: जहां बिजली बिल ज्यादा आ रहा है, उन घरों में सोलर पैनल लगाने का प्रयास करने और कम बिल आने के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए गए।
  • अन्य योजनाएं: एनआरएलएम में बजट के अभाव और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में इंटरनेट प्रभावित होने के कारण रैंक प्रभावित हुई।
  • मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: पीलीभीत और बदायूं में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 38% प्रगति होने पर गति लाने का निर्देश दिया गया।

अन्य निर्देश

गौ-आश्रय स्थल: मंडल में 632 गौ-आश्रय स्थलों में 1,02,217 पशु संरक्षित पाए गए। सड़क दुर्घटनाओं से बचाव हेतु पशुओं को रेडियम बेल्ट पहनाने का कार्य बदायूं को छोड़कर अन्य जिलों में लंबित पाया गया, जिस पर कमिश्नर ने शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए।

सीएम डैशबोर्ड: मंडलायुक्त ने सभी मंडलीय अधिकारियों को अपने विभाग संबंधी सीएम डैशबोर्ड पैरामीटर्स की व्यक्तिगत समीक्षा करने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण रैंक प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

बैठक में बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह, पीलीभीत के ज्ञानेन्द्र सिंह, बदायूं के अवनीश राय, शाहजहांपुर के धर्मेन्द्र प्रताप सिंह सहित मंडल के समस्त मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।

Also Read: कुशीनगर में विज्ञान का अद्भुत नजारा, एक साथ चार कैनसैट रॉकेट लॉन्च, ISRO ने बताया- ऐतिहासिक सफलता

Get real time updates directly on you device, subscribe now.