Bijnor News: मुआवजा न देना डीएम को पड़ा भारी, कोर्ट ने दिया बिजनौर डीएम के सरकारी आवास को कुर्क करने का आदेश
Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर चल रहा एक पुराना विवाद अब जिला प्रशासन के लिए बड़ी गले की फांस बन गया है। मुरादाबाद स्थित भूमि अर्जन एवं पुनर्वास प्राधिकरण की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए बिजनौर की जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर के सरकारी आवास को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया है।
यह पूरा मामला जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे से जुड़ा है। पीड़ित उमेश कुमार का आरोप है कि अदालत बहुत पहले ही मुआवजा देने का फैसला सुना चुकी थी, लेकिन डीएम कार्यालय की ओर से बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी कोई भुगतान नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि मुआवजे के संबंध में डीएम कार्यालय ने न तो कोई रिपोर्ट दाखिल की और न ही अदालत को कोई स्पष्ट जवाब दिया। इसे अदालती आदेश की अवहेलना मानते हुए कोर्ट ने यह कड़ा कदम उठाया।
डीएम को व्यक्तिगत रूप से होना होगा पेश
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न केवल आवास की कुर्की का आदेश दिया, बल्कि डीएम को 9 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने के लिए भी तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कुर्की के दौरान डीएम इस आवास को न तो किसी को सौंप पाएंगी और न ही इससे कोई आर्थिक लाभ ले सकेंगी। हालांकि, काम की जरूरत को देखते हुए उन्हें वहां रहने की अनुमति रहेगी।
अदालत के इस फैसले ने बिजनौर से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक हल्कों में खलबली मचा दी है। याचिकाकर्ता उमेश का कहना है कि प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब उसे उसका हक नहीं मिला, तब उसे मजबूरन कुर्की की मांग करनी पड़ी। अब सबकी निगाहें 9 जनवरी की सुनवाई पर टिकी हैं।

