लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई, BMC नतीजों के बाद बोले उद्धव ठाकरे
Sandesh Wahak Digital Desk: BMC चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी की ओर से लिखा गया कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और यह तब तक जारी रहेगी, जब तक मराठी लोगों को वह सम्मान नहीं मिल जाता जिसके वे हकदार हैं। इस पोस्ट के साथ शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर भी साझा की गई। इस बयान को सीधे तौर पर चुनावी नतीजों से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि बीएमसी चुनाव में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली।
मराठी अस्मिता की लड़ाई जारी रखने का दावा
इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे भी इसी तरह का बयान दे चुके हैं। उन्होंने साफ कहा कि मराठी मानुष के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। दोनों दलों के बयानों से यह संकेत मिला है कि चुनावी हार के बावजूद मराठी अस्मिता का मुद्दा आगे भी राजनीति के केंद्र में बना रहेगा। शिवसेना यूबीटी की प्रतिक्रिया को हार के बाद कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
दरअसल BMC चुनाव में शिवसेना यूबीटी को कुल 65 सीटों पर जीत मिली, जबकि मनसे को केवल छह सीटों से संतोष करना पड़ा। 227 सदस्यीय बृह्नमुंबई महानगरपालिका में यह प्रदर्शन दोनों दलों की उम्मीदों से काफी कम रहा। खास बात यह रही कि लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया था। करीब 20 साल के अंतराल के बाद दोनों भाई बीएमसी चुनाव में एक साथ आए और खुद को मराठी अस्मिता के रक्षक के तौर पर पेश किया, लेकिन उनकी यह एकजुटता भी मतदाताओं को खासा प्रभावित नहीं कर सकी।
राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं का बढ़ाया हौसला
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने BMC चुनाव परिणाम आने के बाद सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर पार्टी के अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न कर पाने की बात स्वीकार की। उन्होंने BMC चुनाव को शिव शक्ति और धनशक्ति के बीच की लड़ाई बताया और कार्यकर्ताओं से निराश न होने की अपील की। राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट में मनसे और शिवसेना यूबीटी दोनों के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह संघर्ष आसान नहीं था। चुनावी नतीजे पक्ष में न होने के बावजूद उन्होंने कार्यकर्ताओं के प्रयासों और संघर्ष की तारीफ की और आगे भी लड़ाई जारी रखने का संदेश दिया।
आगे की रणनीति पर टिकी नजर
BMC चुनाव में करारी हार के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि शिवसेना यूबीटी और मनसे आगे किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। दोनों दलों के नेताओं के बयानों से साफ है कि वे इस हार को अंत नहीं मान रहे हैं और मराठी अस्मिता के मुद्दे पर अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के इरादे में हैं।

