लखनऊ में गोमती की बाढ़ का रौद्र रूप, घर छोड़ने को मजबूर लोग, पानी में फंसी जिंदगी
Flood in Lucknow: गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ राजधानी के कई इलाकों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रविवार को दुबग्गा के जेहटा रोड समेत आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। शाम तक जेहटा-माल रोड पर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा था। प्रशासन ने अगले 24 घंटे में जलस्तर दो फीट तक और बढ़ने की आशंका जताई है।
हयात नगर मोड़, दौलतखेड़ा, सैथा और बरावन कला समेत प्रभावित क्षेत्रों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, पहली मंजिल के परिवारों को ऊपर शिफ्ट करने और गर्भवती महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को प्राथमिकता से निकालने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 10 नावें लगाई गई हैं।
1000 बीघा फसल का होगा सर्वे

ग्रामीण इलाकों में धान, सब्जियों और दूसरी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। डीएम ने एक हजार से ज्यादा बीघा फसल के नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। मंझौवा में करीब 500 बीघा पकी धान की फसल डूब गई, जबकि खीरा, लौकी और भिंडी की फसल भी प्रभावित हुई। बारिश से कई ग्रामीणों के घर भी गिर गए।
घर छोड़े, किराये के कमरों में पहुंचे परिवार

Flood in Lucknow: फैजुल्लागंज के मामा चौराहा, अटल चौक, गणेश विहार और नंदन चौराहा समेत कई कॉलोनियों में पानी घरों तक पहुंच गया है। पांच दिन तक पानी घटने का इंतजार करने के बाद सीमा जायसवाल ने पति और बच्चों के साथ किराये का कमरा ले लिया। दूसरे परिवार भी 3,000 से 3,500 रुपये में कमरे लेकर घर छोड़ रहे हैं।
बाढ़ ने पेयजल संकट (Drinking Water Crisis) भी बढ़ा दिया है। कई घरों के नलों से बदबूदार पानी आने की शिकायत है। लोग नाव या दूसरे साधनों से नगर निगम के टैंकरों तक पहुंचकर पानी भर रहे हैं।
बच्चे को गोद में लेकर दो घंटे मदद का इंतजार
ममता और उनके पति आशीष कई दिन से घर में फंसे थे। रविवार को एक साल के बच्चे और जरूरी सामान के साथ कंट्रोल रूम पहुंचे, लेकिन करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी नाव या ट्रैक्टर नहीं मिला। ममता बच्चे को लेकर अधिकारियों से मदद की गुहार लगाती रहीं।
गुलाला घाट तक पहुंचा बाढ़ का पानी

गोमती नदी के बाढ़ (Flood in Lucknow) का पानी गुलाला घाट के अंत्येष्टि स्थल तक पहुंच गया है। सड़क पर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा है और परिसर में भी लगभग एक फीट पानी भरा है। बिजली आपूर्ति बंद होने से विद्युत शवदाह गृह भी बंद है। शव लेकर पहुंचे परिजनों को भी पानी से होकर चबूतरे तक जाना पड़ा।

उधर, गैस सिलिंडर लेने के लिए लोगों को करीब डेढ़ से दो फीट पानी से गुजरना पड़ रहा है। प्रेरणा स्थल में भी पानी भरा है और आईआईएम मार्ग से फैजुल्लागंज जाने वाली सड़क पर करीब 100 मीटर तक तेज बहाव बना हुआ है।
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