एक-एक घुसपैठिये को भारत की भूमि से चुन-चुनकर बाहर करेगी सरकार: Amit Shah

Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने गुरुवार को बिहार के अररिया जिले में भारत नेपाल सीमा पर स्थित लेट्टी बॉर्डर पर एसएसबी कैंप का उद्घाटन किया। यह कैंप सीमा सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्घाटन के दौरान उन्होंने (Amit Shah)घुसपैठ के मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि सरकार एक-एक घुसपैठिये को भारत की भूमि से चुन-चुनकर बाहर भेजने का काम करेगी।

घुसपैठियों को बाहर भेजने का संकल्प

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किया गया वादा केवल मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाने तक सीमित नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कृतसंकल्पित है और हर एक घुसपैठिये की पहचान कर उसे देश से बाहर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कोई चुनावी वादा नहीं बल्कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है। सीमांचल क्षेत्र में इसकी शुरुआत जल्द ही की जाएगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि चुनाव के समय वह स्वयं चार दिन तक सीमांचल में रहे और कई जिलों में जाकर यह वादा किया था।

सीमांचल से अभियान की शुरुआत

गृह मंत्री (Amit Shah) ने कहा कि आमतौर पर नेताओं को अपने वादे जनता को याद दिलाने पड़ते हैं, लेकिन इस बार वह खुद सीमांचल की जनता को अपना वादा याद दिला रहे हैं क्योंकि उन्हें जनता के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि घुसपैठिये केवल चुनाव को प्रभावित नहीं करते बल्कि गरीबों के राशन में हिस्सेदारी लेते हैं, युवाओं के रोजगार के अवसरों को कम करते हैं और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पूरा देश इस विषय पर एकजुट होकर काम करे और घुसपैठ से मुक्ति का अभियान अपने हाथ में ले।

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि सीमा के दस किलोमीटर के दायरे में जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें अभियान के तहत ध्वस्त किया जाएगा। साथ ही घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए आवश्यक कदम बताया।

जनसांख्यिकीय बदलाव पर सरकार की पहल

गृह मंत्री (Amit Shah) ने कहा कि जनसांख्यिकी का असंतुलित बदलाव किसी भी देश के लिए स्वस्थ समाज के निर्माण में बाधा बनता है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण से होने वाला परिवर्तन किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए खतरनाक होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार उच्च स्तर पर जनसांख्यिकीय परिवर्तन की एक उच्च स्तरीय समिति बनाने जा रही है। यह हाई पावर डेमोग्राफी मिशन सीमांत क्षेत्रों सहित पूरे देश की जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों का बारीकी से अध्ययन करेगा और संतुलन बनाए रखने के उपाय सुझाएगा।

उन्होंने (Amit Shah) कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बंगाल, झारखंड और बिहार हैं। बंगाल में होने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि वहां इस बार बीजेपी की सरकार बनेगी और उसका पहला एजेंडा सीमा पर बाड़ का काम पूरा करना तथा घुसपैठियों को बाहर करना होगा।

 

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