Lucknow News: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने बांटे मेडल और डिग्रियां
Lucknow News: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) का 23वां दीक्षांत समारोह आज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस समारोह में राज्यपाल ने 55,634 विद्यार्थियों को उपाधियाँ और कुल 88 मेडल प्रदान किए, जिनमें 35 स्वर्ण, 26 रजत और 25 कांस्य पदक शामिल हैं। इस मौके पर, उपाधियाँ अब डिजी-लॉकर में भी उपलब्ध होंगी, जो तकनीकी युग के हिसाब से एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्यपाल ने गगनयान मिशन में शामिल होने वाले शुभांशु शुक्ला को ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शुभांशु देश के गौरव और सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा सिर्फ डिग्री पाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी का एक प्रकाश है जो हर विद्यार्थी और राष्ट्र को रोशन करता है। उन्होंने बताया कि इस बार उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में 70% छात्र और 30% छात्राएँ हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे भी विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे आएं और अपनी प्रतिभा से देश का नाम रोशन करें।

भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाएं
राज्यपाल ने कहा कि आज का युग विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित में काम करने की अपील की और कहा कि भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और ‘पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना’ जैसी पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देना है।
राज्यपाल ने AKTU की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन प्रश्नपत्र वितरण की सराहना की और बताया कि इससे सालाना 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी बजट में 50,000 ‘अटल टिंकरिंग लैब’ स्थापित करने का लक्ष्य है, जिससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा।

कठिनाइयों से डरें नहीं
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद गगनयान मिशन के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने विद्यार्थियों से अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में उनका मिशन सिर्फ भारत का तिरंगा लेकर जाना नहीं था, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदें भी साथ लेकर जाना था। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि धैर्य, अनुशासन और टीमवर्क ही सफलता की कुंजी है।
उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयों और डर के बावजूद आगे बढ़ते रहना ही सच्चा साहस है। उन्होंने सभी से “एक निर्भीक, महत्वाकांक्षी और अजेय भारत” बनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि 2035 तक ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ और 2040 तक भारतीय के चंद्रमा पर कदम रखने का लक्ष्य है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने की सराहना
उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में प्रदेश के विश्वविद्यालय लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि AKTU के माध्यम से एक नया AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा।
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