सदन में गूंजी पूर्वांचल में भोजपुरी अकादमी स्थापना की मांग, MP आरपीएन सिंह की पहल से भोजपुरिया समाज में खुशी
पडरौना (कुशीनगर)। पूर्वांचल में भोजपुरी अकादमी की स्थापना को लेकर राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली आवाज उठी है। राज्यसभा सांसद कुंवर आरपीएन सिंह ने संसद के सदन में जोरदार तरीके से यह मांग रखी, जिसके बाद पूरे भोजपुरिया समाज और साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्थाओं में अपार खुशी और उत्साह का माहौल है।
भोजपुरी: श्रम, संघर्ष और संस्कृति का प्रतीक
सांसद आरपीएन सिंह ने अपने संबोधन में भोजपुरी भाषा के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भोजपुरी केवल एक बोली नहीं, बल्कि श्रम, संघर्ष और संस्कृति का गौरवशाली प्रतीक है। विश्वभर में लगभग 25 करोड़ से अधिक लोग भोजपुरी भाषा बोलते हैं और अपनी मेहनत व सांस्कृतिक पहचान से दुनिया में प्रभाव छोड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह भाषा बिहार के छपरा से लेकर उत्तर प्रदेश के बनारस, मिर्जापुर, देवरिया, बलिया, कुशीनगर, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अंबेडकरनगर सहित लगभग 50 जिलों में मातृभाषा के रूप में बोली जाती है।
अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति: भारत के बाहर भी फिजी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और मॉरीशस सहित कई देशों में लाखों भोजपुरीभाषी अपनी समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखे हुए हैं।
कुशीनगर या देवरिया में अकादमी की मांग
सांसद सिंह ने जोर देकर कहा कि भोजपुरी भाषा, साहित्य, कला और लोकसंस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए भोजपुरी अकादमी की स्थापना पूर्वांचल—विशेषकर कुशीनगर अथवा देवरिया में की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में पहले से ही भोजपुरी/मैथिली अकादमी संचालित हो रही है, और पूर्वांचल में अकादमी की स्थापना से साहित्यकारों, कलाकारों, शोधकर्ताओं और युवाओं को एक सशक्त मंच मिलेगा।
भोजपुरिया समाज ने किया स्वागत
सांसद सिंह की इस मजबूत पहल का विश्व भोजपुरी सम्मेलन की जिला इकाई सहित अनेक साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्थाओं ने हार्दिक स्वागत किया है।
प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष आर.के. भट्ट बावरा, महामंत्री ज्ञानवर्धन गोविंदराव, संरक्षक डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव, तथा साहित्यिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मधुसूदन पांडे, डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी, ओम बेचू बी.ए., अभिमन्यु पांडे मन्नू आदि ने सिंह को पूरे भोजपुरिया समाज की ओर से हार्दिक बधाई और आभार प्रकट किया है।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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