Azamgarh News: दिव्यांग पत्नी को पीठ पर लादकर DM से गुहार लगाने पहुंचा पति, उम्मीद और हिम्मत के कायल हुए लोग

Azamgarh News: बचपन में हम सबने श्रवण कुमार की कहानी सुनी है, जिसने अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा कराई थी। कुछ ऐसा ही दिल को छू लेने वाला नज़ारा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में देखने को मिला, जहाँ एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी दिव्यांग पत्नी को पीठ पर उठाकर ज़िलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई। तपती धूप, गर्म ज़मीन और पैरों में चप्पल तक नहीं थी, लेकिन उसकी उम्मीद और हिम्मत ज़िंदा थी।

रास्ते की समस्या, उम्मीद की किरण

यह मार्मिक घटना जहानागंज थाना क्षेत्र के कुंजी गाँव के रहने वाले दिव्यांग अशोक से जुड़ी है। अशोक बताते हैं कि उनके गाँव में चकबंदी का काम चल रहा है, लेकिन उनके घर तक पहुँचने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है। उन्हें कीचड़ और दलदल से होकर गुज़रना पड़ता है, जिससे उन्हें और उनकी पत्नी को बहुत परेशानी होती है। ख़ासकर बारिश में तो हालत और भी ख़राब हो जाती है, क्योंकि वे अपनी दिव्यांग साइकिल का इस्तेमाल भी नहीं कर पाते हैं।

इसी मुश्किल को लेकर, अशोक ने अपनी पत्नी को पीठ पर लादकर DM दफ़्तर का सफ़र तय किया, ताकि अधिकारियों से अपने घर तक पक्का रास्ता बनवाने की गुहार लगा सकें।

पहले भी लगा चुके हैं गुहार, अब उम्मीद बाकी

अशोक ने बताया कि वे पहली बार मदद मांगने नहीं आए हैं। इससे पहले भी उन्होंने डीएम दफ़्तर में अपनी समस्या को लेकर आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बार उन्हें उम्मीद है कि उनकी इस हालत को देखकर अधिकारी ज़रूर ध्यान देंगे। अशोक की बस यही मांग है कि चकबंदी के काम के दौरान ही उनके घर तक एक छोटा सा रास्ता दे दिया जाए।

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