राज्यसभा में उठा दूषित कफ सिरप व नकली दवाइयों का मुद्दा, शिवसेना सांसद ने की कार्रवाई की मांग

Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चिंता जताई गई। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शून्यकाल में खाद्य-मिलावट, निम्न गुणवत्ता वाली दवाइयों और हानिकारक कफ-सिरप के मामले को उठाते हुए सरकार से तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

प्रियंका चतुर्वेदी ने सदन को बताया कि देश के बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थ और घटिया दवाइयों की उपलब्धता एक गंभीर संकट बन चुका है। सांसद ने विशेष रूप से दूषित कफ-सिरप का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों द्वारा लिखे जा रहे कई कफ-सिरप दूषित पाए गए हैं, जिनके सेवन से शिशुओं की मौत तक हुई है।

उन्होंने कहा कि दूषित कफ-सिरप से लेकर बाजार में खुलेआम बिक रही कम गुणवत्ता वाली दवाइयां और मिलावटी खाद्य पदार्थ, इन सभी पर तुरंत नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ बेहद खतरनाक हैं और कैंसर जैसे गंभीर रोगों का कारण बनते हैं। यह कारोबार हर परिवार के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुका है।

उन्होंने FSSAI की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रैंडम रेड तो सुर्खियां बनती हैं, लेकिन जमीन पर उसके परिणाम दिखाई नहीं देते। उन्होंने नियम तोड़ने वालों पर कठोर दंड, सख्त प्रवर्तन और नियमित बाजार-निगरानी लागू करने की मांग की।

वहीं शून्य काल के दौरान ही कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने बैंकों में जमा राशि के बीमा कवर का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि किसी बैंक के डूब जाने पर खाताधारक को अधिकतम 5 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है, जिसे उन्होंने अत्यंत अपर्याप्त बताया। डांगी ने कहा कि बैंकों में जिन लोगों के 5 लाख रुपये से अधिक जमा हैं, उनमें अधिकांश बुजुर्ग व्यक्ति हैं जो इसी जमा राशि पर अपनी गुज़र-बसर करते हैं।

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