कार लोन फ्रॉड गैंग का सरगना मेरठ से गिरफ्तार, लाखों की गाड़ियां लोन पर लेकर करता था धोखाधड़ी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े कार लोन फ्रॉड का खुलासा करते हुए गैंग के सरगना अनंगपाल नागर को मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से महंगी गाड़ियां फाइनेंस कराता था और फिर किस्तें न चुकाकर उन्हें मोटे मुनाफे पर बेच देता था।
गिरफ्तारी कहां और कैसे हुई?
गिरफ्तारी 3 जून 2025 को रात करीब 8 बजे कृष्णा पब्लिक स्कूल, किला परीक्षितगढ़ रोड, मेरठ के पास से की गई। STF को लंबे समय से इस गैंग की तलाश थी, जो किराए के पते और बदले हुए आधार कार्ड से बैंकों को गुमराह करता था।
बरामद सामान
- 7 आधार कार्ड
- 5 एटीएम कार्ड
- 4 पैन कार्ड
- 5 चेकबुक
- 1 पासबुक
- 1 फर्जी व्यवसाय प्रमाण पत्र
- 1 फॉर्च्यूनर कार (UP-15 EU 7979)
- 1 स्कॉर्पियो एन कार (UP-15 EQ 9649)
फ्रॉड का तरीका क्या था?
STF की जांच में सामने आया कि अनंगपाल और उसका गिरोह महंगी गाड़ियां फर्जी पते और दस्तावेजों के आधार पर लोन पर खरीदते थे। लोन मिलने के बाद वे उस पते से हट जाते और किस्तें देना बंद कर देते थे। कुछ महीनों बाद वही गाड़ी भारी छूट पर बेच दी जाती थी, जिससे लाखों का मुनाफा होता था।
फर्जी दस्तावेजों और खातों का जाल
आरोपी ने फर्जी आधार, पैन और व्यवसाय प्रमाण पत्रों का उपयोग कर अलग-अलग बैंकों से लोन लिया। कुछ मामलों में अपनी महिला मित्र और उसके पति के नाम पर भी गाड़ियां फाइनेंस कराई गईं, जिनमें पता और नाम गलत थे। महिला मित्र के नाम पर एक फर्जी डेयरी व्यवसाय भी ऑनलाइन रजिस्टर कराया गया था, जो हकीकत में मौजूद नहीं था।
गाड़ियों का खेल
- फॉर्च्यूनर (UP-15 EU 7979): 40 लाख में अपने साथी के नाम से SBI ब्रह्मपुरी से फाइनेंस
- स्कार्पियो (UP-15 EQ 9649): महिला मित्र के नाम पर 18.5 लाख में इंडियन बैंक से फाइनेंस, बाद में 11 लाख में गिरवी
- हाइराइडर (UP-15 EM 5889): टोयोटा फाइनेंस से महिला मित्र के नाम पर ली गई, अब प्रदीप शर्मा नामक व्यक्ति चला रहा
- हाइराइडर (UP-15 EU 2896): ICICI बैंक गुड़गांव से फाइनेंस, बाद में स्पिनी कंपनी को 16 लाख में बेची
- फॉर्च्यूनर (UP-15 EM 7999): अपनी पत्नी के नाम से ली गई, फिर 14 लाख में बेची गई
अपराधियों की मजबूत नेटवर्किंग
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था। बैंकों में सिविल स्कोर दिखाने के लिए एक से दूसरे खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाते थे और फर्जी खातों का उपयोग किया जाता था।
मुकदमा दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी
अनंगपाल नागर के खिलाफ थाना भावनपुर, मेरठ में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2), और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की जांच और विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
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