संभल सपा में ‘दोस्ती’ का अंत? सांसद के पिता ने ठोंकी ताल, बोले-  2027 में मैं लड़ूंगा चुनाव

Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के गढ़ संभल में ‘हम साथ-साथ हैं’ का सुर अब ‘मैं और मेरा’ में बदल गया है। मरहूम डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के निधन के बाद उपजी सहानुभूति और एकजुटता अब बिखरती नजर आ रही है। मौजूदा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने यह कहकर सियासी हलचल तेज कर दी है कि 2027 का विधानसभा चुनाव संभल सीट से वह खुद लड़ेंगे।

‘जनता इकबाल महमूद से नाराज है’

ममलूकुर्रहमान बर्क ने न सिर्फ अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया, बल्कि सात बार के विधायक इकबाल महमूद पर सीधा हमला भी बोला। उन्होंने कहा, “क्षेत्र की जनता विधायक इकबाल महमूद से नाराज है क्योंकि उन्होंने संभल के लिए कुछ नहीं किया। अखिलेश जी भी जानते हैं कि हम ही चुनाव लड़ेंगे।” जब उनसे विधायक के बेटे सुहेल इकबाल की तैयारी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता क्या किसी को भी चुनाव लड़ा देगी?

इकबाल महमूद का पलटवार

दूसरी ओर, सपा के दिग्गज विधायक इकबाल महमूद इस बयान से हैरान भी हैं और आहत भी। उन्होंने याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव के समय दोनों परिवारों के बीच समझौता हुआ था कि वे एक-दूसरे का चुनाव लड़ाएंगे। इकबाल महमूद ने कहा, “हमने अपना वादा निभाया और जियाउर्रहमान को सांसद बनाने के लिए जी-जान लगा दी। अब सांसद जी ही बता सकते हैं कि उनके पिता ऐसा बयान क्यों दे रहे हैं।”

मुलायम सिंह भी नहीं मिला पाए थे दिल

संभल में बर्क और महमूद परिवार की यह रंजिश दशकों पुरानी है। कहा जाता है कि खुद नेताजी मुलायम सिंह यादव ने भी कई बार इन दोनों दिग्गजों के बीच सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन वे भी नाकाम रहे। केवल एक बार नेताजी के भारी दबाव में डॉ. बर्क और इकबाल महमूद एक मंच पर दिखे थे, वरना इनका इतिहास एक-दूसरे को हराने और विरोध करने का ही रहा है।

2027 की जंग या अपनों की जंग?

फिलहाल सोशल मीडिया पर दोनों गुटों के समर्थकों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। जियाउर्रहमान बर्क के सांसद बनने के बाद बर्क परिवार का कद बढ़ा है, तो वहीं इकबाल महमूद अपनी सात बार की विधायकी और स्थानीय पकड़ के दम पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अखिलेश यादव के लिए संभल की यह ‘सिरफुटौवल’ आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है, क्योंकि अगर दोनों गुट इसी तरह आपस में भिड़े रहे, तो सपा के इस अभेद्य किले में सेंध लगना तय है।

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