चीन की शह पर रची गई थी पहलगाम हमले की पठकथा, आतंकी के पास चीन के सैटेलाइट कनेक्शन वाला फोन होने का दावा
Sandesh Wahak Digital Desk: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यहां जेएनयू के चीनी स्टडीज विशेषज्ञ प्रोफेसर श्रीकांत कोंडापल्ली ने दावा किया है कि इस हमले में शामिल एक आतंकवादी ने चीन के सैटेलाइट कनेक्शन वाले Huawei फोन का इस्तेमाल किया, जिसके जरिए वह पाकिस्तान को संदेश भेजता था।
सैटेलाइट से मिली पाकिस्तान को पहलगाम की तस्वीरें
प्रोफेसर कोंडापल्ली ने एक इंटरव्यू में बताया है कि हमले से पहले चीन ने पहलगाम की सैटेलाइट तस्वीरें पाकिस्तान को भेजीं, जिनमें 120-129 स्लाइड्स शामिल थीं। यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि हमले की पूर्व योजना में चीन की भूमिका हो सकती है।
आतंकवाद पर चीन का दोहरा रवैया
वहीं कोंडापल्ली ने चीन पर आतंकवाद को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चीन ने पाकिस्तान का समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि चीन ने पाकिस्तान को न केवल सैटेलाइट डेटा मुहैया कराया, बल्कि JF-17, J-10 फाइटर जेट्स और HQ-9 मिसाइल सिस्टम जैसी आक्रामक सैन्य सहायता भी प्रदान की।

टीआरएफ पर यूएनएससी और एससीओ की चुप्पी
कोंडापल्ली ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ (TRF) ने ली थी, लेकिन यूएनएससी में पाकिस्तान ने टीआरएफ का नाम हटाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, SCO (शंघाई सहयोग संगठन) के घोषणापत्र में भी पहलगाम हमले का जिक्र तो किया गया, लेकिन टीआरएफ का नाम नहीं लिया गया। जबकि इसी दस्तावेज़ में बलूचिस्तान के जाफर एक्सप्रेस पर हमले का भी उल्लेख किया गया है।

चीनी विदेश मंत्री के बयान पर टिप्पणी
प्रोफेसर कोंडापल्ली ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जब चीन ने कभी शिनजियांग में उइगरों के उत्पीड़न या कोविड-19 महामारी की जांच को स्वीकार नहीं किया, तो भारत में हुए आतंकी हमले में निष्पक्ष जांच की बात करना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
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