UP News : गोरखपुर की 26वीं वाहिनी में महिला आरक्षियों की बदहाली उजागर , प्रशिक्षुओं ने सड़क पर किया प्रदर्शन

Sandesh Wahak Digital Desk : उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस बल को मजबूत करने के उद्देश्य से देश की सबसे बड़ी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत 60,244 आरक्षियों को नियुक्ति पत्र जारी किये थे। जिसे महज 40 दिन भी नहीं बीते है। वहीं दूसरी ओर गोरखपुर की 26वीं पीएसी वाहिनी में प्रशिक्षण ले रही महिला आरक्षियों की दर्दनाक स्थिति ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।

न पीने का पानी, न रहने की सुविधा – महिला आरक्षी  

gorakhpur
प्रदर्शन में बेहोश हुई महिला आरक्षी

महिला आरक्षियों का कहना है कि सरकार वादे तो बड़े-बड़े करती है, लेकिन हकीकत जमीनी स्तर पर बिल्कुल अलग है। गोरखपुर के प्रशिक्षण केंद्र में महिला आरक्षियों को न तो पीने का साफ पानी मिल रहा है, न ही रहने की मानक सुविधा। कई महिलाएं बीमार पड़ी हैं, कुछ बेहोश हो गईं। हालात तब और बिगड़ गए जब प्रभारी संजय राय द्वारा महिला आरक्षियों से अपशब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे महिलाओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। प्रशिक्षु महिला आरक्षियों ने खुलकर विरोध किया।

सीएम के संसदीय क्षेत्र में महिला आरक्षियों का प्रदर्शन 

police
महिला आरक्षी को अस्पताल ले जाता निजी वाहन

गोरखपुर, जो खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र है, वहीं की 26वीं वाहिनी पीएसी में प्रशिक्षण ले रहीं महिला आरक्षियों की हालत नारकीय बन चुकी है। प्रशिक्षण केंद्र में ना शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है, ना ही रहने योग्य व्यवस्था। गर्मी और गंदगी से कई महिला आरक्षी बीमार हुईं, कुछ बेहोश तक हो गईं। प्रशिक्षण प्रभारी संजय राय द्वारा महिलाओं के साथ अपमानजनक व्यवहार किए जाने की शिकायतें की गयी हैं। इस स्थिति से त्रस्त होकर प्रशिक्षु महिला आरक्षियों ने सड़क पर उतर कर खुला विरोध किया।

ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, खून उतना कम बहेगा – योगी 

cm yogi
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी

गौरतलब रहे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के पुलिस लाइन में सैकड़ों युवाओं और अफसरान के सामने विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि गरीब परिवार का बेटा भी इस पुलिस भर्ती में शामिल हुआ है। वो भी सिपाही बनकर उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा में योगदान देगा। सीएम योगी ने अपने सम्बोधन में कहा था कि याद रखें, ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, खून उतना कम बहेगा। आज जनता ने सीएम के खून और पसीने वाले बयुआन पर सवाल खड़े कर दिए है। जिसका ठीक उलटा असर 26वीं वाहिनी पीएसी में प्रशिक्षण ले रही महिलाओं के साथ देखा जा सकता है।

गृह मंत्री के फरमान पर खड़े हुए सवाल

amit shah
गृह मंत्री अमित शाह

गौरतलब रहे कि यूपी पुलिस आरक्षी नियुक्ति पत्र विवरण के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने जिन पुलिस आरक्षीयों की प्रसंशा की थी। आज उन्हीं महिला आरक्षियों के साथ गोरखपुर की 26वीं पीएसी वाहिनी में खुलेआम दर्दनाक स्थिति ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। महिला आरक्षिय बीच सड़क पर व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है। बड़े-बड़े ढाबे पेश करने वाली योगी सरकार पर आज बड़े सवाल उठने शुरू हो गए है।

नियुक्ति पत्र देते समय गृह मंत्री ने यह भी कहा था कि कुछ साल पहले की कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई थी। फिर योगी आदित्यनाथ सीएम बने और यहां पर फिर कानून का राज स्थापित हो गया। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के तीन साल बाद तक यूपी में बदलाव नहीं हुआ। लेकिन योगी सरकार बनने के बाद यहां काफी बदलाव हुआ। आज किसी युवा को एक पैसा भी नहीं देना पड़ा, न खर्च, न पर्ची, न सिफारिश। सिर्फ योग्यता के आधार पर आप सबको चयनित किया गया।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा इसमें 12 हजार से अधिक बच्चियां हैं। बच्चियों के चेहरे पर मुस्कान, तेज, आत्मसंतोष देखकर काफी सुकून मिला। आज आपको भरोसे के साथ कह रहे हैं कि जब 2047 में हमारा देश सबसे ऊपर होगा,तो इसमें यूपी का अहम योगदान होगा।

यूपी पुलिस भर्ती 2025 अब तक की सबसे बड़ी और हाईटेक प्रक्रिया

cm yogi
सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस बल के साथ व्यवस्थाओं का जायदा लेते

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर सिपाहियों की भर्ती पहली बार हुई है। इसमें सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के बाद 16 जून से इनकी हाईटेक ट्रेनिंग शुरू हुई। यह ट्रेनिंग अलग होगी खाने, रहने और इंतजामों में यह सबसे बेहतर होगी। उत्तर प्रदेश में पुलिस बल को आधुनिक और सक्षम बनाने के लिए योगी सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी सीधी भर्ती प्रक्रिया पूरी की, इसमें कुल 60,244 आरक्षियों (48,196 पुरुष और 12,048 महिलाएं) का चयन किया गया। भर्ती प्रक्रिया में 48.17 लाख आवेदन आये, जिसमें 15.49 लाख महिलाएं थीं। परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और हाईटेक तकनीकों बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, फेशियल रिकग्निशन, CCTV निगरानी और स्ट्रॉन्ग रूम से संपन्न की गई।

प्रदेश में कहां-कहां हैं ट्रेनिंग सेंटर?

उत्तर प्रदेश में प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण जैसे-

  • डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद
  • पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, मुरादाबाद और सीतापुर
  • सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र, सीतापुर
  • पीटीएस गोरखपुर, उन्नाव, मेरठ, जालौन, सुल्तानपुर
  • एपीटीएस मिर्ज़ापुर

इनमें से कई केंद्रों की स्थिति गोरखपुर जैसी ही या उससे भी खराब बताई जा रही है। कई प्रशिक्षु गुमनाम रहकर सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी बातें रख रहे हैं।

आखिर कब सुधरेंगे हालात?

ट्रेनिंग के दौरान ही अगर महिला पुलिसकर्मियों को इज्जत और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो भविष्य में वे जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगी? सरकार भले ही अपने प्रोजेक्शन और प्रचार में व्यस्त हो, लेकिन हकीकत यह है कि महिला प्रशिक्षुओं की आवाज़ें अब दबाई नहीं जा सकतीं।

अब देखना होगा कि महिला आरक्षियों की सहूलियत के लिए क्या पुख्ता इन्तज़ाम किये जायेगे।

अब सवाल सरकार से क्या सिर्फ भर्ती ही काफी है?

  • क्या ट्रेनिंग सेंटरों की जमीनी हकीकत की जांच की जाएगी?
  • क्या गोरखपुर की 26वीं वाहिनी में हो रहे शोषण की निष्पक्ष जांच होगी?
  • क्या महिला आरक्षियों के लिए अलग हेल्पलाइन और शिकायत तंत्र बनेगा?
  • क्या दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
  • क्या आगे चयन प्रक्रिया के बाद सुविधा और व्यवहार का भी ऑडिट अनिवार्य होगा?

 

Also Read : मेरठ के 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी

 

 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.